
इंदौर EV चार्जिंग हादसा: मौत का आंकड़ा 9 तक पहुंचने की आशंका,सिलेंडर धमाकों ने बढ़ाई तबाही
इंदौर ।मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर बुधवार तड़के एक भीषण अग्निकांड से दहल उठी, जब बंगाली चौराहा क्षेत्र स्थित बृजेश्वरी कॉलोनी में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग के दौरान लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

प्रशासन ने आधिकारिक पुष्टि के लिए जांच जारी होने की बात कही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुगलिया परिवार के घर के बाहर देर रात एक इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी थी। सुबह लगभग 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे वाहन की बैटरी में आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया और घर के भीतर रखे 10 से अधिक गैस सिलेंडरों तथा पॉलीमर से जुड़े ज्वलनशील रसायनों तक पहुंच गई। इसके बाद एक के बाद एक तेज धमाके हुए, जिनसे पूरा इलाका कांप उठा। धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान का एक हिस्सा ढह गया। अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।

जांच में यह भी सामने आया है कि घर में लगे इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम बिजली बंद होने के कारण काम नहीं कर सके, जिससे कई लोग अंदर ही फंस गए। दमकल दल को दरवाजे तोड़कर भीतर प्रवेश करना पड़ा। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रदेश के काबीना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसी सिलावट, विधायक, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल पर पहुँच कर वस्तु स्थिति का जायजा लिया एयर सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक कारवाई करने के निर्देश दिए। विजयवर्गीय ने घटना को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताते हुए कहा कि “ईवी का दौर तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में यह अलार्मिंग स्थिति है।” उन्होंने पुलिस को विशेषज्ञ समिति गठित कर विस्तृत जांच और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
*संभावित कारण: बैटरी ओवरहीटिंग और ‘थर्मल रनअवे’*
पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में चार्जिंग पॉइंट पर शॉर्ट सर्किट और बैटरी ओवरहीटिंग (थर्मल रनअवे) को आग का संभावित कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लिथियम-आयन बैटरियों में एक बार आग लगने के बाद उसे नियंत्रित करना अत्यंत कठिन हो जाता है, और यह तेजी से विस्फोटक रूप ले सकती है।
*पहले भी चेतावनी दे चुके हैं ऐसे हादसे*
इंदौर में आग के ऐसे गंभीर हादसे पहले भी सामने आ चुके हैं—
स्वर्ण बाग कॉलोनी (2022): शॉर्ट सर्किट से लगी आग में 7 लोगों की मौत
लसूड़िया क्षेत्र (2025): घर में आग लगने से कारोबारी की मौत, डिजिटल लॉक बना बाधा
विजय नगर (2025): ई-रिक्शा बैटरी विस्फोट में कई लोग झुलसे
इन घटनाओं ने बार-बार शहरी आवासीय क्षेत्रों में इलेक्ट्रिकल और बैटरी सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े किए हैं।
*सरकार सख्त: एक्सपर्ट कमेटी बनेगी*
राज्य सरकार ने घटना को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के संकेत दिए हैं। प्रस्तावित विशेषज्ञ समिति में फायर सेफ्टी, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और EV टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञ शामिल किए जाएंगे। यह समिति हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर भविष्य के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करेगी।
*विशेषज्ञों की चेतावनी: घरों में EV चार्जिंग बन रही जोखिम*
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते EV उपयोग के साथ घरेलू चार्जिंग सिस्टम पर पर्याप्त नियमन और जागरूकता का अभाव गंभीर खतरा बन रहा है। विशेषकर घनी आबादी वाले इलाकों में ज्वलनशील पदार्थों के साथ EV चार्जिंग करना अत्यंत जोखिमपूर्ण है।
इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है। हादसे में दिवंगत नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।
ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 18, 2026
*सुरक्षा के 6 जरूरी उपाय*
प्रमाणित चार्जर और सुरक्षित वायरिंग का ही उपयोग करें
चार्जिंग पॉइंट पर ओवरलोडिंग से बचें, उचित अर्थिंग सुनिश्चित करें
बंद और बिना वेंटिलेशन वाले स्थानों में चार्जिंग न करें
ज्वलनशील पदार्थों को चार्जिंग क्षेत्र से दूर रखें
स्मोक डिटेक्टर और फायर एक्सटिंग्विशर अनिवार्य करें
चार्जिंग के दौरान वाहन को लंबे समय तक बिना निगरानी न छोड़ें





