
स्मार्ट सिटी मिशन में इंदौर नंबर वन: 231 परियोजनाएं पूरी, 3,751 करोड़ का निवेश; देश के केवल 31 ‘पूर्ण स्मार्ट’ शहरों में शामिल
वरिष्ठ पत्रकार के. के. झा की रिपोर्ट
इंदौर। देशभर में ‘स्मार्ट सिटी’ की अवधारणा को जमीनी हकीकत में बदलने की बात जब भी होगी, तो इंदौर का नाम अग्रिम पंक्ति में लिया जाएगा। स्वच्छता से लेकर तकनीक आधारित शहरी प्रबंधन और सतत विकास तक—इंदौर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह केवल दावों से नहीं, बल्कि ठोस परिणामों से अपनी पहचान बनाता है।
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की हालिया आरटीआई प्रतिक्रिया के अनुसार, देश के 100 चयनित शहरों में से केवल 31 शहरों को ही पूरी तरह ‘स्मार्ट सिटी’ घोषित किया गया है, जिनमें इंदौर प्रमुख स्थान पर है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक, इंदौर में स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत कुल 231 परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूर्ण की जा चुकी हैं, जिन पर 3,751 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है। परियोजनाओं की संख्या और निवेश राशि—दोनों ही दृष्टि से यह आंकड़ा देश में सर्वाधिक है।
राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो मिशन के तहत स्वीकृत 8,067 परियोजनाओं में से 94 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जिन पर लगभग 1.64 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। लेकिन इंदौर ने अपने परिणामों और कार्यान्वयन की गति से अलग ही मानक स्थापित किए हैं।
इंदौर की सफलता के पीछे ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली, एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के माध्यम से सुदृढ़ निगरानी तंत्र और शहरी गतिशीलता में उल्लेखनीय सुधार को प्रमुख कारण माना जा रहा है। शहर लगातार स्वच्छ सर्वेक्षण में शीर्ष पर बना हुआ है। वर्ष 2024-25 में आठवीं बार देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित होने के बाद अब 2025-26 सर्वेक्षण की तैयारियां भी पूरे उत्साह के साथ जारी हैं। नगर निगम द्वारा स्वच्छता गीत, स्वच्छ वार्ड रैंकिंग और सफाई मित्रों के सम्मान जैसे नवाचारात्मक अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे जनभागीदारी और अधिक सशक्त हुई है।
इसी कड़ी में इंदौर मेट्रो परियोजना भी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। छोटा गणपति क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत स्टेशन अब 125 फीट की गहराई में बनाया जाएगा, जो मध्य प्रदेश का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन होगा। यह परियोजना न केवल शहरी परिवहन को नई दिशा देगी, बल्कि शहर की आधुनिक पहचान को भी सुदृढ़ करेगी।
इसके अलावा, इंदौर सस्टेनेबल इनोवेशन और एक्सप्रेसवे हब के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। वर्ष 2026-2030 के बीच बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स और स्टार्टअप पार्क विकसित करने की योजनाएं शहर को निवेश और रोजगार का नया केंद्र बना सकती हैं।
हालांकि 43 अन्य शहर भी मिशन की पूर्णता के करीब हैं और शेष में कार्य प्रगति पर है, लेकिन इंदौर ने व्यावहारिक उपलब्धियों से ‘स्मार्ट’ शब्द की परिभाषा को नया आयाम दिया है।
स्थानीय प्रशासन का दावा है कि इंदौर अब केवल स्वच्छता का प्रतीक नहीं, बल्कि तकनीक-आधारित, सतत और समावेशी शहरी विकास का राष्ट्रीय मॉडल बन चुका है।





