Innocent Child’s Life Cut With A China Thread: चायना डोर से कटी मासूम के जीवन की डोर, सदमे से दादा की भी मौत!

  धार की ' धार ' इतनी बेधार ! कौन है जिम्मेदार ?

958

Innocent Child’s Life Cut With A China Thread: चायना डोर से कटी मासूम के जीवन की डोर, सदमे से दादा की भी मौत!

डॉ . श्रीकांत द्विवेदी की विशेष रिपोर्ट

धार: प्रशासनिक निर्देश , सख्त प्रतिबंध एवं तलाशी के बाद भी नगर तथा जिले भर में धड़ल्ले से बिकती रही चायना डोर । आखिरकार दुष्परिणाम सामने आ ही गए । और मकर संक्रांति की सांझ को चायनीज डोर ने धार के ही एक परिवार के चिराग सात वर्षीय कनिष्क चौहान को मौत के मुंह में धकेल दिया। पोते की मौत के सदमे से दादा की भी अगले दिन मौत हो गई है।

आखिर क्या गुनाह था कनिष्क का ? वह तो अपने पिता के साथ बाइक पर सवार होकर बाजार से गुजर रहा था कि अचानक डोर मासूम के गले में फंस गई , गला कट गया । लहुलुहान बालक को लेकर पिता अस्पताल लेकर पहुंचे । डाक्टरों की भरसक कोशिश के बाद भी बालक को बचाया न जा सका । देखते ही देखते पिता की आंखों के सामने बालक ने दम तोड़ दिया । जबकि चायनीज डोर से शरीर जख्म की घटनाएं शहर में एक दिन पूर्व भी हो चुकी थी ।

ज्ञात रहे कि पिछले वर्ष उज्जैन की एक छात्रा भी चायनीज डोर से जख्मी होकर अपनी जान गंवा बैठी थी । इतना सब कुछ होने के बाद भी शासन – प्रशासन की नाक के नीचे ही चायना डोर धड़ल्ले से बिकती रहती है । यह जानते हुए भी कि धार जिला गुजरात से सटा होने से पतंगबाजी के लिए चर्चित है । इस क्षेत्र में मकर संक्रांति के एक माह पूर्व से ही पतंग उड़ना शुरू हो जाती हैं । यह भी सच है कि उड़ने वाली हर पतंग चायना डोर से ही बंधी होती है । तय है कि अखबारों में सख्त प्रतिबंध के समाचारों से ही डोर बिकना बंद नहीं हो जाती । मानना होगा कि शहर में चायना डोर की तलाशी को लेकर बड़ी चूक हुई है ।

Stories of 2 Ex Chiefs : MP के 2 पूर्व मुखियाओं की व्यथा कथा 

वे लोग भी कम जिम्मेदार नहीं जो सब कुछ जानते हुए भी चायनीज धागे से पतंग उड़ाते रहते हैं । यद्यपि उक्त घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आया । डोर विक्रेताओं की गिरफ्तारी भी हुई । शहर के जागरूक नागरिकों द्वारा मृत बालक की अंत्येष्टि के बाद सांझ को विरोध स्वरूप कैंडल मार्च भी निकाला गया । चायनीज डोर की होली जलाकर डोर का उपयोग न करने का संकल्प भी लिया । अब जरूरत है इस संकल्प को जीवित बनाए रखने की । साथ ही शासन स्तर पर भी इस डोर बिक्री के खिलाफ कठोर दण्ड का प्रावधान रखा जाए ।

सभी को मिलकर चायनीज डोर के खिलाफ ऐसा अभियान चलाना होगा जिससे इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति न हो । तभी दिवंगत बालक ‘ कनिष्क ‘ के प्रति शहर की सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।

Death of Child from Manza : चाइनीज मांजे से बच्चे का गला कटा, मौत हुई!