WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home न्यूज़ प्रादेशिक

Instructions in Mandu Utsav Case : मांडू उत्सव की आयोजक एजेंसी के चयन में गड़बड़ी की जांच को लेकर हाई कोर्ट के निर्देश!

हाई कोर्ट ने लोकायुक्त पुलिस से कहा तीन महीने में जांच करके आवेदक को सूचित किया जाए!

Instructions in Mandu Utsav Case : मांडू उत्सव की आयोजक एजेंसी के चयन में गड़बड़ी की जांच को लेकर हाई कोर्ट के निर्देश!

Dhar : मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने मध्यप्रदेश शासन के पर्यटन विभाग द्वारा पिछले साल आयोजित ‘मांडू उत्सव’ की आयोजक कंपनी के चयन में अनियमितता और कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त कार्यालय को निर्देशित किया है। हाई कोर्ट ने इस जांच के लिए तीन महीने की समय अवधि निर्धारित करते हुए जांच की सूचना आवेदक ब्रजमोहन अग्निहोत्री उर्फ़ छोटू शास्त्री को देने के भी निर्देश दिए।

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पर्यटन विभाग ने आयोजन कंपनी के चयन के लिए निविदा जारी की गई थी। कंपनी के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के विरूद्ध सर्वप्रथम आवेदक ब्रजमोहन अग्निहोत्री (छोटू शास्त्री) ने 24 जनवरी 2023 और 12 अप्रैल 2023 और 6 जून 2023 को लोकायुक्त के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत कर मांडू उत्सव संबंधी निविदा प्रक्रिया की जांच करने के संबंध में मांग की थी।

किंतु, शिकायतों पर कार्यवाही नहीं होने पर आवेदक ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्याय की मांग करते हुए विधिक सूचना-पत्र 21 अक्टूबर 2023 को रजिस्टर्ड डाक से पर्यटन विभाग भेजा था। किंतु उस पर भी कार्यवाही न होने पर आवेदक ने मप्र हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के समक्ष 5 फ़रवरी 2024 को एक जनहित याचिका ब्रजमोहन अग्निहोत्री उर्फ पंडित छोटू शास्त्री विरूद्ध मप्र शासन व अन्य प्रस्तुत की।

हाई कोर्ट ने 4 मार्च 2024 को आदेश पारित कर पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त को निर्देशित किया है कि इस संदर्भ में जो जांच आपके कार्यालय में लंबित है, उसे आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त होने के तीन माह के भीतर पूर्ण कर जांच परिणाम से आवेदक को तत्काल सूचित करें।

 

कहां और क्या गड़बड़ी की गई

2023 में 7 जनवरी से 11 जनवरी की अवधि में मांडू उत्सव आयोजित हुआ था। आयोजन के लिए ई-टेंडर किए गए थे। ऑनलाइन पर उपलब्ध दस्तावेजों से और हस्ताक्षर की दिनांक से यह स्पष्ट है कि फाइनेंशियल बीड 16 जनवरी को खोली गई। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के अनुसार लेटर ऑफ एलॉटमेंट 20 दिसंबर 2022 को जारी होना दर्शाया गया।

स्पष्ट है कि जब फाइनेंशियल बिड 16 जनवरी 2023 को खोली गई, तो लेटर ऑफ एलॉटमेंट दिसंबर माह में कैसे जारी हुआ जब तक की बिड डालने वाली फर्म और बिड स्वीकृति करने वाले अधिकारियों के बीच आपराधिक सांठगांठ न हो। स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इ-फेक्टर कंपनी से मिलीभगत कर भ्रष्टाचार करते हुए फाइनेंशियल बिड में दर्शाई गई राशि स्वीकृत की गई और लेटर ऑफ एलॉटमेंट पिछली तारीखों में जारी किया गया। ऑनलाइन दस्तावेजों के आधार पर यह भ्रष्टाचार का अकाट्य सबूत है।