IT Reforms 2023 . इस बजट में IT विवादों को निपटाने का फिर अवसर मिलने के आसार! 

बड़े जुर्माने के बजाए 10% से 20% में विवादों को हल करने की पहल होगी!   

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IT Reforms 2023 . इस बजट में IT विवादों को निपटाने का फिर अवसर मिलने के आसार! 

New Delhi : इनकम टैक्स से जुड़े विवाद सुलझाने के लिए सरकार आयकर माफी योजना की पहले चरण (विवाद से विश्वास और सबका विश्वास) की सफलता को देखते हुए इस बार के बजट में दूसरे चरण की घोषणा कर सकती है। यानी पुराने टैक्स विवाद निपटाने के लिए एक और मौका मिलने की पूरी संभावना नजर आ रही है।

जानकार सूत्रों का कहना है कि वित्त मंत्रालय इस तरह की योजना पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इस योजना में संबंधित टैक्स विवाद में 10% से 20% तक जुर्माना लगाए जाने की संभावना पर विचार हो रहा है। जबकि, आमतौर कर टैक्स विवाद में भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाता है।

इस मामले पर जानकारों का कहना है कि सरकार का मानना है कि इस योजना से लंबित मामलों का बोझ कम होगा। इसके अलावा इससे 38 हजार करोड़ रुपए का राजस्व भी मिल सकता है। सबसे बड़ा फ़ायदा यह भी होगा कि जिनके विवाद चल रहे हैं, उनका सरकार के प्रति विश्वास बढ़ेगा।

दूसरे चरण से क्या होगा फायदा

● स्वघोषणा के जरिए लंबित मामलों का जल्द से जल्द निपटारा हो सकेगा।

● करदाताओं पर से आयकर विभाग केस हटा लेता है और इससे वे निश्चिंत हो जाते हैं।

● इससे आयकर विभाग पर से टैक्स मामलों का बोझ घटेगा और विवादों की संख्या कम होगी।

● योजना के प्रोत्साहन से कर राजस्व में इजाफा होगा। जुर्माना राशि और बकाया टैक्स दोनों सरकार के खाते में आ जाएंगे।

● कारोबारियों के लिए काम करना आसान होगा और इज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा।

सीमा शुल्क में भी तैयारी

वित्त मंत्रालय सीमा शुल्क यानी कस्टम ड्यूटी से जुड़े कर विवाद मामलों के लिए भी टैक्स माफी योजना पर विचार कर रहा है। उनका कहना है कि पुरानी टैक्स माफी योजना की सफलता के अलावा वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी के संकेत के बावजूद पिछले साल निर्यात में तेज उछाल आया है। इसे देखते हुए निर्यात कारोबार को और आसान बनाना चाहती है।