Kissa-A-IAS: Minnu P.M.Joshi: 23 की उम्र में मां, 32 में IAS अधिकारी 

गोद में बच्चा और हाथ में किताबें, पिता के सपने को साकार करने बिना कोचिंग बनीं IAS

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Kissa-A-IAS: Minnu P.M.Joshi: 23 की उम्र में मां, 32 में IAS अधिकारी

सुरेश तिवारी 

एक बेटी को पिता का सपना पूरा करना था और इसके लिए उसने शादी के बाद किताबें उठाईं। गोद में बच्चा लेकर बगैर कोचिंग के IAS का सफर तय किया।

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Minnu P.M.Joshi: देश में UPSC जैसी कठिन परीक्षा को पास करना बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। हालांकि, जब कोई महिला शादी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और मां बनने के बाद IAS का सफर तय करती है तो उसकी कहानी प्रेरणादायक बन जाती है। ऐसी ही मिसाल हैं मिननू पीएम जोशी। 21 की उम्र में शादी, मां बनने की जिम्मेदारी और अन्य चुनौतियों के बीच उन्होंने अपने पिता का सपना पूरा किया था।

कोचिंग के बिना ही उन्होंने UPSC परीक्षा पास की और IAS अधिकारी बनीं।

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*जीवन का लक्ष्य बना पिता का सपना*

Minnu P.M.Joshi केरल के एक छोटे से गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता राज्य पुलिस में अधिकारी थे और वह चाहते थे कि उनकी बेटी एक दिन सिविल सेवा में जाकर उनका नाम रोशन करे। हालांकि, ड्यूटी के दौरान उनके पिता निधन हो गया था। इस हादसे मिननू को सदमा दिया लेकिन उन्होंने उसी पल तय कर लिया कि वह उनके सपने को जरूर पूरा करेंगी।

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*21 की उम्र में शादी, पहले मिली पिता की नौकरी*

मिननू की शादी 21 की उम्र में हो गई थी। हालांकि, 2012 में उन्हें अपने पिता की जगह पुलिस विभाग में क्लर्क की नौकरी मिल गई थी। नौकरी के साथ-साथ वह घर भी देखती थीं। उन्होंने केरल विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में मास्टर्स की पढ़ाई भी है।

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*मां बनने के बाद भी पढ़ाई, बगैर कोचिंग UPSC की तैयारी*

वे नौकरी परिवार के साथ-साथ मातृत्व जिम्मेदारी निभा रही थीं लेकिन अपने पिता का सपना नहीं भूली थीं। परिवार और बच्चे की जिम्मेदारियों के बीच यूपीएससी की तैयारी में चुनौतियां थीं लेकिन उनके हाथों ने किताबें उठाकर यूपीएससी का लक्ष्य साध लिया था।

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*6 साल की मेहनत के बाद UPSC क्रैक कर बनीं IAS*

यूपीएससी परीक्षा को पास करने के लिए जहां लोग महंगी कोचिंग ज्वाइन करते तो वहीं मिननू ने कोचिंग को न कह दिया। 2015 से खूब मेहनत से अपनी तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू बगैर कोचिंग के पास किए। लगातार 6 साल तक के परिश्रम और कमिटमेंट के साथ 32 की उम्र में आखिर उन्हें सफलता मिली और उन्हें 150वीं रैंक के साथ देश की सर्वोच्च शासकीय सेवा IAS में सेवा करने का मौका मिला।

मसूरी में प्रशिक्षण के बाद उन्हें महाराष्ट्र कैडर आवंटित हुआ और भारतीय प्रशासनिक सेवा में 2021 बैच मिला। 1 साल के प्रोबेशन पीरियड के बाद उन्हें पहले अमरावती में सहायक कलेक्टर बनाया गया। वर्तमान में वह जालौर जिले में जिला पंचायत की सीईओ हैं।

*ISRO में अधिकारी पति का भी मिला साथ*

मिननू के पति इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) में अधिकारी हैं। उन्होंने भी इस सफर में पूरा सहयोग किया। IAS Minnu P.M.Joshi की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो जिम्मेदारियों के कारण अपने सपनों को छोड़ देती हैं। उनकी सफलता सिखाती है कि हालात चाहें जैसे हों, अगर हौसला मजबूत है तो जो आप सोच सकते हैं, उसे पा सकते हैं।