Kissa-A-IAS: Shweta Bharti: विप्रो से IAS- 9 घंटे की नौकरी और फिर पढ़ाई, सेल्फ स्टडी कर कैसे श्वेता बनीं IAS

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Kissa-A-IAS: Shweta Bharti: विप्रो से IAS- 9 घंटे की नौकरी और फिर पढ़ाई, सेल्फ स्टडी कर कैसे श्वेता बनीं IAS

सुरेश तिवारी 

Shweta Bharti: विप्रो से IAS- 9 घंटे की नौकरी और फिर पढ़ाई- जानिए श्वेता भारती की सफलता की कहानी- कैसे सेल्फ स्टडी कर बना जा सकता है IAS अधिकारी।

श्वेता ने 9 घंटे की नौकरी करते हुए और बिना कोचिंग के यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की।

श्वेता ने विप्रो में काम करते हुए बिना कोचिंग के यूपीएससी सीएसई परीक्षा में 356वीं रैंक हासिल की। नौकरी, अनुशासित स्व-अध्ययन और सफलता के बीच संतुलन बनाने की उनकी रणनीति यूपीएससी के उम्मीदवारों के लिए एक प्रेरणा है।

Kissa-A-IAS: Shweta Bharti: विप्रो से IAS- 9 घंटे की नौकरी और फिर पढ़ाई, सेल्फ स्टडी कर कैसे श्वेता बनीं IAS

Shweta Bharti: जॉब से काम करके घर आने के बाद शायद किसी में हिम्मत बचती है के वह दूसरी एक्टिविटी भी करे. लेकिन जिसे अपनी किस्मत बदलनी है, उन्हें तो मेहनत तो करनी ही होगी. यूपीएससी की तैयारी करने के लिए अक्सर 10 से 12 घंटे की पढ़ाई करने को आईडीयल माना जाता है. इसके बावजूद भी एग्जाम पास होने की गांरटी नहीं होती. लेकिन इस चुनौती को स्वीकार किया श्वेता भारती ने जो 9 घंटे की नौकरी के बाद अपने पढ़ाई पर फोकस कर यूपीएससी परीक्षा पास की.

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*ऑफिस के बाद पढ़ाई करना नहीं था आसान* 

ये इतना आसान तो नहीं रहा होगा, ऑफिस में काम फिर आना-जाना फिर घर के और अपने काम, इन सबके बीच यूपीएससी की तैयारी करना थोड़ा तो मुश्किल रहा ही होगा. लेकिन इस मुश्किल को श्वेता ने पार किया और वो कर दिखाया जिसे करने के लिए लोग केवल सोचते हैं.

Shweta Bharti: श्वेता बिहार के नालंदा जिले की रहने वाली हैं. उन्होंने पटना के स्कूल से पढ़ाई की और भागलपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की.

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*जिम्मेदारियों के कारण नहीं छोड़ पाईं नौकरी* 

इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने विप्रो में काम करना शुरू किया.काम करने के दौरान उन्हें यूपीएससी की तैयारी करने की इच्छा जगी. लेकिन परिवार की जिम्मेदारी के कारण वह नौकरी छोड़ नहीं पाती थी. इसलिए उन्होंने काम के साथ पढ़ाई करने का सोचा और उन्होंने काम और पढ़ाई के बीच बैलेंस करना शुरू किया. वह दिन में काम करती थी और काम खत्म होते ही शाम से रात तक पढ़ाई करती थी. पढ़ाई से दिमाग न भटके इसलिए उन्होंने सोशल मीडिया से भी दूरी बना ली.

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*मेहनत और इमानदारी ने दिलाई सफलता*

इससे पहले उन्होंने बीपीएससी की परीक्षा के लिए भी अप्लाई किया और जिसमें उन्हें सफलता भी मिली. बीपीएससी परीक्षा में श्वेता ने 65वां स्थान हासिल करने के साथ डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर पद अपने नाम किया. इस नौकरी के बाद भी उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और अपनी मेहनत से साल 2021 में श्वेता ने यूपीएससी परीक्षा पास करते हुए 356वीं रैंक हासिल की.

जानकारी के मुताबिक, श्वेता बिहार के भागलपुर में असिस्टेंट कलेक्टर के पद पर काम कर रही हैं.