
Kissa-A-IPS: IPS Tejaswi Satpute: लोगों के तानों और मजाक का जवाब दिया सफलता से
यह कहानी एक IPS अधिकारी की है, जिन्हें UPSC चुनने के बाद लोगों के तानों और मजाक का सामना करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने जवाब शब्दों से नहीं बल्कि सफलता पाकर दिया। अधिकारी बनने से पहले उन्होंने LLB की पढ़ाई की थी और आज पुणे में अफसर हैं। आइए जानते हैं तेजस्वी की कहानी, जो आज लोगों के लिए मिसाल बन गई है।

कहते हैं कि सफलता अक्सर उन लोगों के हिस्से आती है जो तानों का जवाब शब्दों से नहीं बल्कि अपनी कड़ी मेहनत और लगन से देते हैं। तेजस्वी सतपुते की कहानी भी कुछ ऐसी है। उन्होंने जब UPSC को चुना तो मजाक बनना शुरू हो गया था। लोगों ने ताने दिए लेकिन उन्होंने उनकी बातों का जवाब सफलता पाकर दिया। LLB की पढ़ाई के दौरान उन्होंने UPSC का पहला अटेंप्ट दिया था और एग्जाम क्रैक किया। आज वह पुणे में IPS अफसर हैं। इस सक्सेस स्टोरी में उनके संघर्षभरे यूपीएससी के सफर को देखते हैं जिसे उन्होंने बयां किया है।
तेजस्वी एक इंटरव्यू में बताती हैं कि वह महाराष्ट्र के अहमदनगर के सेवगांव की रहने वाली हैं। वह एक साधारण परिवार से आती हैं। उनकी मां प्राइमरी टीचर रहीं और उनके पिता खेती करते थे और अभी वह भी व्यापारी हैं। जब वह छोटी थीं तो पायलट बनना चाहती थीं लेकिन आगे चलकर कुछ परेशानियों की वजह से वह उसमें आगे नहीं बढ़ पाईं।

10वीं-12वीं की पढ़ाई के बाद सबसे पहले उन्होंने बाॅयोटेक्नोलाॅजी के बारे में सुना था। इसके बाद उन्होंने अलग राह पकड़ी। वकालत की पढ़ाई के लिए LLB की तैयारी शुरू कर दी थी। इस दौरान उन्हें UPSC के बारे में पता चला था और उन्होंने अपने दोस्तों से भी इसके बारे में पूछा। दोस्तों ने परीक्षाओं की तैयारी को लेकर बताया था।

इसके बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी। हालांकि, वह 3 बार अपनी फील्ड बदल चुकी थीं। पहले बाॅयोटेक्नोलाॅजी, फिर LLB के साथ ही यूपीएससी चुनने की वजह से उन्हें मजाक और तानों का सामना करना पड़ा। UPSC की तैयारी के बारे में जब वह बताती तो उन्हें लोग मजाक उड़ाते थे कि ये क्या चल रहा है, कोई एक फील्ड में नहीं जा पा रही हो।
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LLB के दौरान उन्होंने यूपीएससी का पहला अटेंप्ट दिया था। हालांकि, इसमें उन्हें असफलता मिली थी। पहली बार उन्होंने कोई एग्जाम दिया और फेल हो गई थीं। इस दौरान उनके माता-पिता से भी लोग सवाल पूछने लगे थे। इस दौरान तेजस्वी ने पुणे छोड़कर मुंबई जाने का फैसला किया और वहां तैयारी शुरू कर दी। इस बार उन्होंने पूरी तरह से पढ़ाई पर फोकस किया।

1 साल तक उन्होंने सिर्फ UPSC के बारे में सोचा था और यही वजह थी कि 2012 में वह यूपीएससी में 198 रैंक हासिल कर IPS अधिकारी बनी थीं। इतिहास और मराठी लिटरेचर उनके ऑप्शनल सब्जेक्ट थे। तेजस्वी महाराष्ट्र कैडर की 2012 बैच की IPS अधिकारी हैं। अभी वह पुणे में अफसर हैं। हाल ही में तेजस्वी सातपुते को पुणे क्राइम ब्रांच का अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है





