
Kissa-A-IPS: गुजरात में क्यों सुर्खियों में हैं IPS Nirlipt Rai!
सुरेश तिवारी
भारतीय पुलिस सेवा में 2010 बैच के IPS अधिकारी निर्लिप्त राय इन दिनों पूरे गुजरात में सुर्खियों में है।
गुजरात में 6 मार्च को सरकार ने एक साथ 37 IPS अधिकारियों के तबादले किए थे और निर्लिप्त को राजकोट का आईजी बनाया गया है। निर्लिप्त राय के चार्ज संभालते ही सौराष्ट्र के राजकोट ग्राम्य, मोरबी, जामनगर, देवभूमि द्वारका और सुरेंद्रनगर में सक्रिय माफिया और शराब तस्करों में हड़कंप की बात कही जा रही है। निर्लिप्त राय राजकोट शहर को छोड़कर यह सभी इलाके बतौर आईजी सुपरवाइज करेंगे।

उनके चार्ज लेने के बाद बॉलीवुड की फिल्मों की तरह पूरे सौराष्ट्र और गुजरात में सिर्फ आईजी साहब की चर्चा हो रही है।
गुजरात कैडर के आईपीएस निर्लिप्त राय अपने तौर-तरीकों से काम करते हैं। गुजरात में उनकी छवि एक सुपरकॉप और ईमानदार आईपीएस पुलिस ऑफिसर की है। कई उच्च अधिकारी के उनके स्टाइल को सही मानते हैं तो कई की यह राय है कि अपनी छवि के लिए हर मामले में सिंघम स्टाइल उचित नहीं है। जो भी हो अभी तक निर्लिप्त राय गुजरात के सबसे पॉवरफुल स्टेट मॉनीटरिंग सेल (एसएमसी) की कमान संभाल रहे थे। अब उन्हें सरकार ने राजकोट की जिम्मेदारी सौंपी हैं। निर्लिप्त राय के नाम एक अनूठा रिकॉर्ड है। वह अब तक के कार्यकाल में सबसे ज्यादा पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को सस्पेंड करने वाले आईपीएस हैं। जब वह अमरेली में एसपी थे तो उन्होंने कई पीआई (पुलिस इंस्पेक्टर) को सस्पेंड करके तहलका मचा दिया था। उस वक्त पर जिले में उनके पास तब एक ही पीआई बचा था।

*गोंडल में थमेगी गुंडागर्दी!*
निर्लिप्त राय के चार्ज लेने के बाद यह दावा किया जा रहा है कि राजकोट रेंज में अपराध और गलत कामों के साथ गोंडल में आए दिन होने वाली दबंग पॉलिटिक्स पर अंकुश लग सकता है। सूत्रों की मानें तो सरकार ने इसी मकसद के साथ निर्लिप्त राय को वहां पर भेजा है। निर्लिप्त राय पूर्व में अमरेली जिले के एसपी भी रह चुके हैं। इसके बाद उनकी एंट्री बतौर पुलिस अधीक्षक स्टेट मॉनीटरिंग सेल में हुई थी। जहां पर उन्होंने लंबी पारी खेली। इस दौरान उन्होंने शराब की हर जिले में बड़ी खेप पकड़कर माफिया में खौफ खड़ा कर दिया था। निर्लिप्त राय के राजकोट के आईजी का चार्ज संभाल चुके हैं। अब सभी की नजरें क्षत्रिय दबदबे और वर्चस्व के लिए आपसी संघर्ष में फंसे गोंडल पर टिकी हैं। ऐसा माना जा रहा है निर्लिप्त राय के आईजी रहते हुए शायद ही कोई अपने हथियार उठाने की हिम्मत करे।

*कौन हैं निर्लिप्त राय ?*
निर्लिप्त राय (Nirlipt Rai) मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। वह अभी तक अमरेली, सूरत और अहमदाबाद में काम कर चुके हैं। राय कुछ समय के लिए आईबी में रह चुके हैं। 28 फरवरी, 1983 को जन्में निर्लिप्त राय ने विज्ञान में मास्टर डिग्री हासिल की है। 2010 बैच के IPS अधिकारी निर्लिप्त राय की कार्यशैली के विपक्षी नेता भी कायल हैं। गुजरात के फायरब्रांड कांग्रेस नेता जिग्नेश मेवाणी ने आईपीएस राजकुमार पांडियन से टकराव के वक्त पर निर्लिप्त राय की तारीफ की थी। निर्लिप्त राय गुजरात के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त, पूर्व मुख्य सचिव और 1977 बैच के अधिकारी वरेश सिंह के दामाद हैं। निर्लिप्त राय की पत्नी एक डॉक्टर हैं। गुजरात में निर्लिप्त राय को पहली ज्वाइनिंग हिम्मतनगर में मिली थी। निर्लिप्त राय गुजरात की चर्चित आईपीएस डॉ. लवीना सिन्हा के जीजा हैं।

*निर्लिप्त राय के बारे में मुख्य बातें:*
गुजरात कैडर के 2010 बैच के एक तेजतर्रार और कड़क IPS अधिकारी हैं, जिन्हें 6 मार्च 2026 को राजकोट रेंज का नया आईजीपी (IGP) नियुक्त किया गया है। वे गांधीनगर में स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) के प्रमुख के रूप में माफिया और गुंडों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं।

पूर्व पद: राजकोट से पहले, वे गांधीनगर में स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) के डीआईजी (DIG) के रूप में कार्यरत थे।
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छवि (Image): उन्हें एक “सुपर कॉप” के रूप में जाना जाता है, जो अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति रखते हैं।
उपलब्धियां: उन्हें उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया जा चुका है, जिसमें गृह मंत्री मेडल भी शामिल है।
वे मुख्य रूप से गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए जाने जाते हैं। वे अपनी सख्त कार्यशैली के कारण गुजरात पुलिस महकमे में काफी चर्चित हैं।





