
आनलाईन सवाल पूछने में बढ़ी विधायकों की रुचि, बजट सत्र के लिए 2253 आनलाईन सवाल
भोपाल: इसी माह होंने जा रहे बजट सत्र को लेकर विधानसभा में व्यापक तैयारियां शुरु हो गई है। आनलाईन सवाल करने में विधायकों की रुचि बढ़ी है। इस बार विधायकों ने आफलाईन से ज्यादा आनलाईन सवाल किए है।
विधायकों ने कुल 2253 आनलाईन सवाल किए है। वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने इस बार बिगड़ती कानून व्यवस्था, बढ़ते भ्रष्टाचार, इंदौर में दूषित पानी, छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से मौतों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी की है।
विधानसभा में विधायकों को आनलाईन सवाल करने, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, शून्यकाल की सूचनाएं आनलाईन भेजने की सुविधा प्रदान की गई है। इस बार भी सवाल भेजने का समय समाप्त हो गया है। अब तक कुल 3 हजार 478 सवाल विधायकों ने विभिन्न विषयों पर पूछे है। इसमें 2 हजार 253 आनलाईन सवाल पूछे गए है और आफलाईन सवाल 1 हजार 225 पूछे गए है। इनमें एक हजार 750 तारांकित और 1728 सवाल अतारांकित आए है। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भेजने के लिए अभी समय बाकी है। शून्यकाल की सूचनाएं, नियम 139 के तहत प्रस्ताव, याचिकाएं, भेजने के लिए अभी समय बाकी है।
विधानसभा के बजट सत्र से पहले विधानसभा भवन की रंगाई-पुताई और अंदर सदस्य बैठक व्यवस्था को चाक चौबंद और व्यवस्थित किया जा रहा है। पूर्व अध्यक्षों की फोटो ओ व्यवस्थित लगाया जा रहा है। पार्किंग और विधानसभा के सुरक्षा इंतजामों को और चाक चौबंद किया जा रहा है।
*भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरेगा विपक्ष* -इधर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे सहित कांग्रेस विधायकों ने इस बार सरकार को विभिन्न मुद्दों को लेकर घेरने की व्यापक तैयारी की है। प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत बिगड़ी हुई है। प्रदेश में अवैध खनन बढ़ रहा है। खनन माफिया सक्रिय है। प्रदेश में अवैध शराब की बिक्री बढ़ी है। नशे का कारोबार बढ़ता जा रहा है जिस पर अंकुश लगाने में सरकार असफल साबित हो रही है। शराब ठेकेदारों के कर्मचारियों द्वारा कूटरचित दस्तावेजों, का उपयोग कर सरकार को राजस्व नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
इंदौर में दूषित पानी पीने से लगातार मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है। छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप पीने से कई लोगों की मौते हुई थी। प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ रही है। अपेक्षानुरुप नया निवेश नहीं बढ़ रहा है। किसानों को समय पर खाद-बीज नहीं मिल रहा है। इन सभी मुद्दों पर कांग्रेस ने सरकार को घेरने की तैयारी की है। वहीं राज्य सरकार और सत्तारुढ़ दल द्वारा भी विपक्षी हमलों को कमजोर करने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। बजट सत्र के दौरान विपक्ष के हमलों पर जवाब देने के लिए अलग-अलग भाजपा विधायकों को तैयार किया जा रहा है। इनकी लगातार ब्रीफिंग भी की जा रही है।
*अठारह को आएगा बजट-* मध्यप्रदेश सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री और वित्त तथा वाणिज्य कर मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को विधानसभा में बजट पेश करेंगे। इस बार भी बजट पिछले बजट से दस प्रतिशत बढ़ाकर पेश किया जाएगा। कई विधेयक भी इस बार विधानसभा में पेश किए जाएंगे। प्रदेश के कई मंत्री अपनी सम्पत्ति औ आय की घोषणा विधानसभा में करेंगे।





