
रात में घर में घुसा तेंदुआ, बकरी के बच्चे पर किया हमला; परिवार ने कर दिया उसे कैद
बड़वानी : बड़वानी जिले के पाटी वन परिक्षेत्र के ग्राम बामनाली में गुरुवार तड़के एक परिवार की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। शिकार की तलाश में एक तेंदुआ घर के भीतर घुस आया और पशुबाड़े में बंधे बकरी के बच्चे पर हमला कर उसे घायल कर दिया। उस समय घर के अंदर दो बच्चे और एक महिला सो रहे थे, जबकि परिवार का मुखिया बाबूलाल घर के बाहर सो रहा था। आदिवासी परिवार ने चतुराई से बाहर निकलकर लॉक लगा दिया जिसके चलते तेंदुआ कैद हो गया। राहत की बात यह रही कि तेंदुए ने किसी भी व्यक्ति पर हमला नहीं किया और बाद में आसपास की पहाड़ियों की ओर लौट गया।
बड़वानी के वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) आशीष बंसोड़ ने बताया कि घटना बाबूलाल पिता छतरसिंह के घर की है। देर रात तेंदुआ शिकार की तलाश में घर में दाखिल हुआ और कमरे से लगे पशुबाड़े में पहुंच गया।
उन्होंने बताया कि तेंदुए ने घर के बाहर सो रहे बाबूलाल को भी कोई तकलीफ नहीं दी और जिस कमरे में उसकी पत्नी व दो बच्चे सो रहे थे वहां से निकलने के दौरान उन पर भी हमला नहीं किया।
बच्चों के कमरे से लगे पशु बाड़े में पहुंचकर उसने एक बकरी के बच्चे पर हमला कर उसे घायल कर दिया। बकरी की आवाज सुनकर परिवार की नींद खुल गई और उन्होंने घबराने के बजाय शांत रहकर समझदारी से काम लिया।
परिवार के सभी सदस्य तुरंत घर से बाहर निकल आए और मुख्य दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। इससे तेंदुआ कुछ समय तक घर के भीतर ही फंसा रहा। बाद में उसने घर के एक कोने से बाहर निकलने का रास्ता खोज लिया और आसपास की पहाड़ियों की ओर चला गया। घटना के दौरान परिवार के लोगों ने तेंदुए के फोटो और वीडियो भी अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किए।
डीएफओ ने बताया कि जिस क्षेत्र में यह घटना हुई है, वह घने जंगल के बजाय चट्टानी पहाड़ियों से घिरा हुआ है। ऐसे इलाकों में तेंदुओं सहित अन्य वन्यजीवों की आवाजाही समय-समय पर होती रहती है। उन्होंने बताया कि घटना में किसी भी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई है और केवल बकरी का बच्चा घायल हुआ है।
घटना के बाद वन विभाग ने एहतियात के तौर पर इलाके में कैमरा ट्रैप लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। ग्रामीणों को रात में घरों के दरवाजे बंद रखने, खुले में नहीं सोने और पशुबाड़ों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। साथ ही किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने को कहा गया है।
डीएफओ ने स्पष्ट किया कि फिलहाल तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने या उसे रेस्क्यू करने की कोई योजना नहीं है। वन विभाग कैमरा ट्रैप के जरिए उसकी गतिविधियों की निगरानी करेगा और स्थिति के अनुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा।





