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कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि रतहरा शराब दुकान में एमआरपी से अधिक दर पर मदिरा की बिक्री हो रही थी। इसके बाद भी टेस्ट परचेस की कार्यवाही नहीं की गई। उपनिरीक्षक अभिषेक त्रिपाठी द्वारा लगातार लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के कारण कम्पोजिट मदिरा दुकान में ओवर रेटिंग में शराब बिकती रही। शिकायत के बाद भी ग्राहकों की बातों को अनसुना कर दिया गया।
आबकारी उपायुक्त ने कार्यवाही की
शराब दुकान संचालकों की मनमानी को लेकर संभागीय उड़नदस्ता दल के आबकारी उपायुक्त अनिल जैन ने प्रकरण पंजीबद्ध कर कलेक्टर को अवगत कराया। तब SI अभिषेक त्रिपाठी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है। कलेक्टर का सख्त रूप देख ठेकेदारों में हड़कंप मच गया।
कलेक्टर ने 21 मई को रतहरा व रघुनाथगंज की शराब दुकान को 1 दिन के लिए निलंबित कर दिया था। साथ ही उक्त दुकानों पर शर्तों का उल्लंघन करने पर 10-10 हजार रुपए का अर्थदण्ड भी लगाया गया है। फिर भी रतहरा शराब दुकान के संचालक ने जिला प्रशासन की बात नहीं मानी।