
Maharana Pratap’s valor is an inspiration : महाराणा प्रताप का शौर्य आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत: बोले नारायण सिंह चिकलाना!
3 दिवसीय जन्मजयंती महोत्सव के दूसरे दिन राजपूत रत्न सम्मान, प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान!
Ratlam : शहर के हाथीखाना स्थित राजपूत समाज धर्मशाला पर रविवार को तीन दिवसीय श्री महाराणा प्रताप एवं वीर छत्रसाल बुंदेला जन्मजयंती महोत्सव का शुभारम्भ हुआ। जिसके अंतर्गत वरिष्ठ समाजसेवियों का सम्मान किया गया तथा तलवारबाजी, साफा धारण एवं अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी नारायण सिंह चिकलाना ने कहा कि महाराणा प्रताप का शौर्य, पराक्रम और स्वाभिमान अपने आप में इतिहास है।

उनका संपूर्ण जीवन देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि जिस वीरता और आत्मसम्मान के साथ महाराणा प्रताप ने मुगलों का सामना किया। वह स्पष्ट करता है कि इतिहास सदैव वीरों का होता है, कायरों का नहीं। वर्तमान समय तलवार का नहीं, बल्कि कलम का है। इसलिए युवाओं को शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से राष्ट्र को सशक्त बनाने में योगदान देना चाहिए।
मुख्य अतिथि अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भैरूसिंह चौहान ने अपने उद्बोधन में समाज और संस्कृति की विरासत को सुरक्षित रखने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से मातृशक्ति से कहा कि बच्चों को प्रारंभ से ही अच्छे संस्कार प्रदान किए जाएं, जिससे वे सामाजिक कुरीतियों और भ्रामक प्रवृत्तियों से दूर रह सकें। उन्होंने समाज की एकता और पहचान को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया।

इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी ठाकुर देवीसिंह राठौर को न्यास के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय ठाकुर कन्हैयालाल गोयल की स्मृति में ‘राजपूत रत्न’ उपाधि से सम्मानित किया गया। इसके अलावा ठाकुर कमलसिंह राठौर एवं श्रीमती किरण गोयल को भी समाज एवं जनसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा तलवारबाजी, साफा धारण एवं अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। समारोह में न्यास अध्यक्ष राजेंद्र सिंह गोयल, उज्जैन जिला अध्यक्ष जीवन सिंह तंवर, गजराज सिंह पवार, शैलेंद्र सिंह देवड़ा, सुरेश सिंह सिसोदिया, मंडल अध्यक्ष विजय सिंह चौहान, सचिव नरेंद्र सिंह सोलंकी, दिलीप सिंह सोनगरा, नरेंद्र सिंह चौहान, एडवोकेट डाडमसिंह राठौर, सुरेंद्र सिंह वाघेला, सुरेश सिंह चावड़ा, रघुवीर सिंह सांखला, राजेंद्र सिंह पवार, श्रीमती उषा पवार, जया गोयल, सीमा देवड़ा, वंदना भाटी, अनीता चौहान, श्रीमती मनीषा चौहान सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं मातृशक्ति मौजूद थी!





