
पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका! हाईकोर्ट के जमानत आदेश पर लगी रोक
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा दी गई ट्रांजिट अग्रिम जमानत के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह मामला असम में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है, जिसे हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी सरमा की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ए.एस. चांदुरकर की बेंच ने खेड़ा समेत अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद तय की गई है।
फोरम शॉपिंग पर कोर्ट सख्त
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि खेड़ा ने तेलंगाना हाईकोर्ट का रुख अपनाने के लिए उचित अधिकार क्षेत्र नहीं बताया। उन्होंने इसे ‘फोरम शॉपिंग’ करार देते हुए कहा कि इस तरह कोई भी व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार देश के किसी भी कोने से राहत मांग सकता हैपूरा विवाद 5 अप्रैल की उस प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ा है, जिसमें खेड़ा ने सीएम की पत्नी पर एक से अधिक देशों के पासपोर्ट और विदेशों में संपत्ति रखने का आरोप लगाया था। इसी आधार पर असम पुलिस ने मामला दर्ज किया।
हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाईकोर्ट के आदेश पर हैरानी जताते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह आदेश न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं लगता। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि याचिका में कई महत्वपूर्ण तथ्यों का उल्लेख नहीं किया गया था।





