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मामले में चयनित अभ्यर्थी सतीश सिंह चौहान के पिता उसी समय नगर परिषद में मुख्य नगर पालिका अधिकारी के पद पर पदस्थ थे। अदालत ने यह भी नोट किया कि अनुभव प्रमाण पत्र भी पिता द्वारा ही जारी किया गया था ।मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति रवीन्द्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि पात्र/अपात्र सूची से किसी योग्य अभ्यर्थी को बाहर रखना गंभीर त्रुटि है और इससे पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित होती है।
हाईकोर्ट ने 23 मार्च 2013 की नियुक्ति को निरस्त करते हुए निर्देश दिया है कि नई, निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाई जाए। साथ ही, याचिकाकर्ता देवेन्द्र कुमार साहू के आवेदन पर उचित विचार करते हुए नया नियुक्ति आदेश जारी करने को भी कहा गया है।