
Indore Development Authority की बोर्ड बैठक में बड़े फैसले: PPP model पर बनेगा कन्वेंशन सेंटर, 9989 वर्ग किमी तक बढ़ा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र
INDORE: Divisional Commissioner and Co-Chairman of Indore Development Authority डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) संचालक मंडल की बैठक संपन्न हुई। बैठक में शहर के भविष्य के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों और परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय योजना क्रमांक 172 में पीपीपी Public-Private Partnership मॉडल पर कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से संबंधित रहा। इसके अलावा Indore Metropolitan Regional Development and Investment Plan का क्षेत्रफल 6631.40 वर्ग किलोमीटर से बढ़ाकर 9989.69 वर्ग किलोमीटर करने का प्रस्ताव भी पारित कर राज्य शासन को भेजा गया।

*PPP model पर बनेगा आधुनिक कन्वेंशन सेंटर*
बैठक में निर्णय लिया गया कि योजना क्रमांक 172 के तहत प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर का निर्माण पीपीपी मोड पर किया जाएगा। इस परियोजना के लिए निविदा आमंत्रित करने को हरी झंडी दी गई है। चयन हेतु कंसल्टेंट द्वारा विभिन्न मॉडल प्रस्तुत किए गए, जिनमें से उपयुक्त विकल्प पर संचालक मंडल ने सहमति जताई।
*Startup Park और नई विकास योजनाओं को मंजूरी*
योजना क्रमांक 151 और 159-बी में स्टार्टअप पार्क के लिए भी पीपीपी मोड पर निविदा दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस फैसले से इंदौर में स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न परियोजनाओं के लिए कुल 17 करोड़ 65 लाख रुपये की निविदाओं को स्वीकृति दी गई है, जिनमें टीपीएस-5 में 6.79 करोड़ रुपये की रिटेनिंग वॉल, टीपीएस-4 में 6.54 करोड़ रुपये की बाउंड्रीवॉल और टीपीएस-5 में 1.91 करोड़ रुपये की पाथवे निर्माण परियोजनाएं शामिल हैं।
नवनिर्मित सांदीपनी स्कूल नंदानगर, शिव नगर और पाल काकरिया में आंतरिक साज-सज्जा और फर्नीचर की निविदाएं भी स्वीकृत की गई हैं।
*MR-12 के अलाइनमेंट संशोधन और अन्य निर्णय*
बैठक में बताया गया कि TPS-8 में 60 मीटर चौड़े MR-12 मार्ग के अलाइनमेंट संशोधन का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाएगा। इस प्रस्ताव की स्वीकृति से कान्ह नदी पर प्रस्तावित उच्च स्तरीय सेतु निर्माण को गति मिलेगी, जो फिलहाल स्वीकृति के अभाव में रुका हुआ है।
साथ ही, योजना क्रमांक 103 में शैक्षणिक उपयोग हेतु तीन भूखंडों को लीज पर देने की स्वीकृति दी गई है, ताकि जल्द से जल्द स्कूल निर्माण प्रारंभ हो सके।

*संपत्ति कर पर भी हुआ विचार*
बैठक में नगर निगम द्वारा विभिन्न आईडीए योजनाओं पर अधिरोपित संपत्ति कर की समीक्षा पर भी चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि संपत्ति कर देयता को युक्तिसंगत बनाकर पुनः निर्धारण किया जाएगा, ताकि प्राधिकरण की वित्तीय जवाबदेही और नगर निगम के राजस्व में संतुलन बना रहे।
*बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित*
बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव, आईडीए के सीईओ डॉ. परिक्षित झाड़े, वन मंडलाधिकारी प्रदीप मिश्रा, नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के संयुक्त संचालक सुभाशीष बेनर्जी, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता सी.एस. खरत, एमपीईबी प्रतिनिधि दिलीप कुमार गाठे और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।





