
इंदौर में बड़ा हादसा टला: हाई-प्रेशर PNG गैस पाइपलाइन फटी, आग से महिला समेत 4 झुलसे, 2 वाहन जलकर खाक, 5,000 से अधिक गैस कनेक्शन प्रभावित
वरिष्ठ पत्रकार के के झा की रिपोर्ट
इंदौर। विजय नगर थाना क्षेत्र की सुमन नगर कॉलोनी में मंगलवार शाम एक बड़ी दुर्घटना उस समय घटित हो गई, जब वाटर रिचार्जिंग/बोरिंग कार्य के दौरान अवंतिका गैस लिमिटेड की हाई-प्रेशर पीएनजी (PNG) गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन में हुए जोरदार ब्लास्ट के बाद भीषण आग भड़क उठी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते दमकल और पुलिस की टीम ने आग पर काबू पा लिया, अन्यथा हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। आग की ऊंची लपटें देखकर आसपास के लोगों में भगदड़ मच गई। हादसे में एक महिला सहित तीन से चार लोग झुलस गए, जिन्हें तत्काल बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचाया गया। सभी घायलों का उपचार जारी है। आग की चपेट में आने से मौके पर खड़ी दो गाड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं।
घटना के बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस और अवंतिका गैस लिमिटेड के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। गैस आपूर्ति बंद कर क्षेत्र को सुरक्षित किया गया, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका।
*बिना अनुमति खुदाई बनी हादसे की वजह?*
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि क्षेत्र में वाटर रिचार्जिंग और बोरिंग का कार्य बिना आवश्यक अनुमति और सुरक्षा मानकों का पालन किए किया जा रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, पाइपलाइन की मौजूदगी दर्शाने वाले पोल मार्कर मौके पर लगे हुए थे, इसके बावजूद खुदाई के दौरान पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई।
अवंतिका गैस लिमिटेड के अधिकारियों ने घटना को गंभीर लापरवाही का परिणाम बताते हुए संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी का कहना है कि हाई-प्रेशर गैस पाइपलाइन के आसपास किसी भी प्रकार की खुदाई से पहले संबंधित एजेंसी से अनुमति लेना अनिवार्य होता है।
*हजारों उपभोक्ताओं की गैस सप्लाई प्रभावित*
हादसे के कारण विजय नगर, निपानिया और आसपास की कई कॉलोनियों में पीएनजी गैस आपूर्ति बाधित हो गई। कंपनी सूत्रों के अनुसार, पांच हजार से अधिक घरेलू गैस कनेक्शन प्रभावित हुए हैं। गैस सप्लाई बंद होने से अनेक घरों में शाम का भोजन तक नहीं बन सका। तकनीकी टीम पाइपलाइन की मरम्मत और गैस आपूर्ति बहाल करने के कार्य में जुटी हुई है।
*सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल*
यह घटना एक बार फिर शहर में चल रहे बुनियादी ढांचा और खुदाई कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि गैस, बिजली और जलापूर्ति जैसी महत्वपूर्ण भूमिगत सेवाओं के आसपास किसी भी प्रकार का कार्य बिना तकनीकी अनुमति और निगरानी के किया जाना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन और गैस कंपनी के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्तियों और एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।





