
तीन राज्यों को जोड़ने वाला मेघनगर स्टेशन उपेक्षा का शिकार : रेल मंत्री से ट्रेनों के ठहराव की मांग
JHABUA: जनजातीय बहुल झाबुआ जिले का एक प्रमुख और पश्चिम रेलवे का मेघनगर रेलवे स्टेशन वर्षों से रेल विभाग के लिए महत्वपूर्ण राजस्व केंद्र रहा है। बावजूद इसके यहां कई महत्वपूर्ण सवारी गाड़ियों का ठहराव नहीं होने से क्षेत्रवासियों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

इसी को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र श्रीवास्तव ‘नीरज’ ने माननीय रेल मंत्री अश्विनि वैष्णव को पत्र लिखकर मेघनगर रेलवे स्टेशन पर चयनित सवारी गाड़ियों के ठहराव और कुछ ट्रेनों के मार्ग विस्तार की मांग की है।
▪️पांच जिले का दबाव
▫️पत्र में उल्लेख किया गया है कि बड़ौदरा से रतलाम के बीच मेघनगर रेलवे स्टेशन ऐसा प्रमुख केंद्र है, जो मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के सीमावर्ती क्षेत्रों को जोड़ता है। आसपास के झाबुआ, अलीराजपुर, धार सहित करीब पांच जिलों के यात्रियों का दबाव इसी स्टेशन पर रहता है। झाबुआ जिले का मुख्य स्टेशन होने के बावजूद मेघनगर में सीमित ट्रेनों का ही ठहराव है, जिससे यात्रियों को दाहोद, रतलाम और बड़ौदरा जैसे स्टेशनों तक अनावश्यक भटकना पड़ता है।

▪️इन गाड़ियों के ठहराव की उठी मांग
▫️मांग पत्र में बड़ौदरा दाहोद मेमू सवारी गाड़ी संख्या 69233 को दाहोद से बढाकर मेघनगर तक चलाने का प्रस्ताव रखा गया है। वर्तमान में यह गाड़ी बड़ौदरा से चलकर दाहोद तक सीमित है, जबकि इसे मेघनगर तक बढ़ाने से बड़ी संख्या में दैनिक यात्रियों को सुविधा मिल सकती है।
इसके अलावा-
▫️गोरखपुर एक्सप्रेस संख्या 19489 का मेघनगर में ठहराव देने की मांग की गई है, जिससे रतलाम और उज्जैन की सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सके।
▫️उदयपुर सिटी एक्सप्रेस संख्या 22901 के ठहराव से मंदसौर, नीमच और चित्तौड़गढ़ की ओर यात्रा आसान होगी।
▫️अजमेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस संख्या 12995 के ठहराव से अजमेर, सांवरियाजी और भादवा माता जैसे धार्मिक स्थलों तक सीधी सुविधा मिलेगी।
▫️वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस संख्या 22196 के ठहराव से झांसी और ग्वालियर जैसे महत्वपूर्ण शहर सीधे जुड़ेंगे।
▫️वलसाड इंटरसिटी एक्सप्रेस संख्या 19012 को मेघनगर तक विस्तारित करने की भी मांग रखी गई है। इससे क्षेत्रवासियों को जहां सुविधा मिलेगी वहीं मंत्रालय का राजस्व बढ़ेगा।

पत्र में यह भी रेखांकित किया गया है कि यदि इन गाड़ियों का ठहराव मेघनगर रेलवे स्टेशन पर दिया जाता है तो इससे न केवल क्षेत्र के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि टिकट बिक्री और यात्री संख्या बढ़ने से रेलवे को भी अतिरिक्त राजस्व का सीधा लाभ होगा। मेघनगर स्टेशन की भौगोलिक स्थिति और यात्री दबाव को देखते हुए ठहराव पूरी तरह व्यावहारिक बताया गया है।
इस मांग पत्र की प्रतिलिपि रतलाम झाबुआ अलीराजपुर संसदीय क्षेत्र के माननीय सांसद को भी भेजी गई है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि रेल मंत्रालय इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र ठहराव प्रक्रिया शुरू करेगा।





