
MP News: 50 हेक्टेयर में फैले 27 हजार 500 औषधीय पौधे जल कर हुए राख, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठा गंभीर सवाल
गणेश पांडे की विशेष रिपोर्ट
भोपाल। मध्य प्रदेश में अनूपपुर जिले के अमरकंटक वन परिक्षेत्र के औषधीय वन में आग लग जाने से सभी पौधे जल कर राख हो गये है। यह औषधीय वन 50 हेक्टेयर में फैला हुआ है।
आगजनी को लेकर उपस्थित चौकीदारों का कहना है कि आगजनी खरपतवार की वजह से हुई। सब कुछ आग ने बर्बाद कर दिया।

इस पूरे मामले में डीएफओ डेबिड चैनप अनूपपुर आगजनी राजस्व वन में होना बता रहे हैं। जबकि वहीं मौके पर तैनात चौकीदार ने विभागीय लापरवाही की पोल खोल दी है। चौकीदार का कहना है कि उन्हें अक्सर अलग-अलग जगहों पर आग बुझाने भेज दिया जाता है, जिससे इस क्षेत्र की निगरानी प्रभावित होती रही है।

सबसे बड़ा खुलासा यह है कि कैम्पा फंड से 2021-22 में पौधारोपण के बाद से अब तक इन औषधीय पौधों में न तो कोई खाद डाली गई और न ही कीटनाशक दवाइयों का उपयोग किया गया है। इतना ही नहीं, पिछले एक साल से इस औषधीय वन में झाड़-झंखाड़ और सूखी घास की सफाई भी नहीं कराई गई थी।

यही सूखा कचरा आग के लिए ईंधन बन गया और देखते ही देखते पूरे 50 हेक्टेयर में फैले 27,500 पौधे आग की चपेट में आकर नष्ट हो गए है।
विभाग की लापरवाही उजागर
भंवर सिंह, वन चौकीदार का कहना है कि यह घटना न केवल वन विभाग की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती है कि आखिर करोड़ों रुपये की योजनाओं की देखरेख इतनी ढीली क्यों है? जबकि इसी वन से लगा हुआ आबादी क्षेत्र है। लेकिन वन विभाग अपने कागज़ों में ही व्यस्त नजर आ रहा है।





