
ड्रोन टेक्निक में एक्सपर्ट होगी एमपी पुलिस, इंदौर पुलिस रेडियो प्रशिक्षण संस्थान बनेगा प्रदेश का पहला RPTO
भोपाल: प्रदेश पुलिस आधुनिक तकनीक की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। पुलिस संचार विभाग अपने कर्मियों को ड्रोन तकनीक में प्रशिक्षित करेगा, ताकि ड्रोन का संचालन सुरक्षित, कानूनी और प्रभावी ढंग से किया जा सके।
इस पहल का उद्देश्य तकनीकी दक्षता के साथ इसे लेकर सुरक्षा – जोखिम कम करना और कृषि से लेकर आपदा प्रबंधन तक ड्रोन की उपयोगिता को मजबूत बनाना है।
इंदौर स्थित पुलिस रेडियो प्रशिक्षण संस्थान प्रदेश पुलिस का पहला रीमोट पायलट ट्रेनिंग आर्गनाइजेशन (RPTO) बनाने की तैयारी में है। यहां एक बैच में 20 पायलटों को प्रशिक्षित किया जा सकेगा। प्रशिक्षण डीजीसीए के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगा और इसमें अलग-अलग प्रकार के ड्रोन के साथ व्यावहारिक अभ्यास शामिल रहेगा।
बताया गया है कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करना, नवाचार को बढ़ावा देना और भारत को वैश्विक ड्रोन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में योगदान देना है। इसके जरिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर को भी बढ़ावा देना माना जा रहा है।
खास बात यह है कि आपदा प्रबंधन या आपातकालीन सेवाओं से जुड़े पुलिसकर्मियों और सरकारी अधिकारियों के लिए यह प्रशिक्षण बिना शुल्क लिए करवाया जाएगा। जबकि सामान्य अभ्यर्थियों के लिए 2 से 3 सप्ताह के कोर्स की अनुमानित फीस 20 से 30 हजार रुपये के बीच हो सकती है।
पाठ्यक्रम में उद्योग से जुड़ाव, प्लेसमेंट सहयोग और युवाओं के लिए स्टार्टअप जैसे विषयों पर फोकस करते हुए तैयार होगा। महिलाओं और ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं के लिए विशेष मॉड्यूल तैयार किए जाएंगे, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके। इसमें प्रशिक्षित कर्मी 100 किलोमीटर तक ड्रोन उड़ाने और छह घंटे से अधिक समय तक संचालन करने में सक्षम होंगे। इससे पुलिस को संवेदनशील और टारगेटेड गतिविधियों पर आसमान से निगरानी रखने में मदद मिलेगी। साथ ही वीवीआईपी मूवमेंट की सुरक्षा और भी मजबूत होगी।





