राष्ट्रीय बालिका दिवस: झाबुआ में मंत्री और कलेक्टर ने बेटियों के सशक्तिकरण एवं उत्कृष्ट कार्यों का किया सम्मान

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राष्ट्रीय बालिका दिवस: झाबुआ में मंत्री और कलेक्टर ने बेटियों के सशक्तिकरण एवं उत्कृष्ट कार्यों का किया सम्मान

झाबुआ: राष्ट्रीय बालिका दिवस 24 जनवरी 2026 के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर नेहा मीना विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके पश्चात कन्या पूजन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।

राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि यह दिवस केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और संकल्प का अवसर है। उन्होंने कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाकर समाज और राष्ट्र के विकास में सहभागी बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि जीवन में प्रगति सतत प्रक्रिया है और बाधाओं से सीखकर आगे बढ़ने से व्यक्तित्व मजबूत होता है। परिवार और समाज का वातावरण बालिकाओं के जीवन को गहराई से प्रभावित करता है, इसलिए उनके लिए सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि आज भी समाज में रूढ़िवादी सोच मौजूद है, जिसे बदलने की आवश्यकता है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकार बेटियों को शिक्षा, सम्मान और समान अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने जनजातीय समाज में बेटियों को मिलने वाले सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी सोच विकसित करने की जरूरत है। मंत्री ने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना एवं मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बालिकाओं और महिलाओं को निरंतर सहायता दी जा रही है। शिक्षा, खेलकूद और रोजगार के क्षेत्र में बेटियाँ उल्लेखनीय प्रगति कर रही हैं। उन्होंने आत्मविश्वास, तकनीक के सदुपयोग तथा साइबर सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। अंत में उन्होंने सभी से संकल्प लेने का आग्रह किया कि प्रत्येक बेटी को सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ।

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राष्ट्रीय बालिका दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि जब बेटियाँ सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ती हैं, तो कई बार घबराहट और आत्मसंशय का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में घबराने के बजाय निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। कड़ी मेहनत और लगन से ही सफलता प्राप्त होती है। कलेक्टर ने कहा कि प्रेरणा हमें किसी से भी मिल सकती है। दिव्यांगजन और सशक्त महिलाएँ समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। बालिकाओं को शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ अवश्य लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि बालिकाओं के संपूर्ण जीवनचक्र को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के सकारात्मक उदाहरण आज सामने आ रहे हैं और बालिकाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना आवश्यक है। इस अवसर पर कलेक्टर ने 9 वर्षीय बालिका द्वारा राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में भाग लेकर जिले एवं प्रदेश का नाम रोशन करने पर गौरव व्यक्त किया। कलेक्टर ने आत्मरक्षा को प्रत्येक बालिका के लिए आवश्यक बताते हुए सजग एवं सतर्क रहने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि बालिकाओं को बोलने की कला विकसित करनी चाहिए, दर्पण के सामने अभ्यास कर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने की आदत डालनी चाहिए। अंत में उन्होंने सभी बालिकाओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।

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आत्मरक्षा का प्रभावशाली प्रदर्शन
9 वर्षीय बालिका कु. प्रियांशी गुंडिया या द्वारा आत्मरक्षा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा।

बालिकाओं ने किये अपने विचार प्रस्तुत
कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी योजना की हितग्राही कनिष्का ठाकुर ने योजना के उद्देश्य एवं इससे प्राप्त लाभों की जानकारी साझा की। वहीं नौगावा मेघनगर की राधिका परमार ने दहेज प्रथा के दुष्प्रभावों एवं बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित किए जाने के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए।
विकसित भारत की अवधारणा के अंतर्गत सांदीपनि विद्यालय कल्याणपुरा की छात्रा गौरी बिलावल ने सोलर पैनल एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर आधारित मॉडल के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए।

उत्कृष्ट कार्य करने वाली बालिकाओं का सम्मान
राष्ट्रीय बालिका दिवस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं एवं टीमों को सम्मानित किया गया। इसमें यूनिवर्सिटी स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में कु. संगीता कटारा को रजत पदक, एशियन मुथाई चैंपियनशिप 2025 में कु. मनीषा वसुनिया को रजत पदक (कबड्डी), 69वीं राज्य स्तरीय हैण्डबाल प्रतियोगिता शुजालपुर में कु. गंगा बिलवाल एवं कु. पायल देवड़ा को कांस्य पदक (हैण्डबाल), 69वीं राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता शुजालपुर में कु. डिम्पी सतांगिया को स्वर्ण पदक (तीरंदाजी), अंतर महाविद्यालय क्रीड़ा प्रतियोगिता में कु. सोनिया डामोर एवं कु. अर्चना तोमर को कांस्य पदक (वेटलिफ्टिंग), राज्य स्तरीय स्ट्रेंथ्रलिफ्टिंग प्रतियोगिता में कु. छाया मावी एवं कु. नानुडी चारेल को स्वर्ण पदक (स्ट्रेंथ्रलिफ्टिंग) तथा संभागीय प्रतियोगिता में कु. प्रियांशी गुंडिया को स्वर्ण पदक (बॉक्सिंग) प्राप्त करने पर ₹2000 की पारितोषिक राशि, प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मेघनगर की फुटबॉल टीम एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली बालिकाओं को भी सम्मानित किया गया।

बाल विवाह जागरूकता नुक्कड़ नाटक एवं लोकनृत्य
नुक्कड़ नाटक दल द्वारा बाल विवाह रोकथाम की जागरूकता के लिए नुक्कड़ का प्रदर्शन किया गया साथ ही लोकनृत्य की प्रस्तुति की गई।

कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जितेन्द्रसिंह चौहान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रतिपाल सिंह महोबिया, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ श्री भास्कर गाचले, डिप्टी कलेक्टर सुश्री वैशाली सोलंकी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री आर एस बघेल, महिला एवं बाल विकास विभाग का पुरा अमला एवं बालिकाएं उपस्थित रहे।