

No Action on Patwari’s Report : पटवारी की रिपोर्ट को अतिरिक्त तहसीलदार ने 6 माह दबाया, इसलिए अवैध कॉलोनी बनी!
देखिए, पटवारी की 6 अगस्त 2024 की वह रिपोर्ट जिस पर कार्रवाई नहीं की गई!
Indore : राऊ तहसील के धन्नड़ क्षेत्र में अवैध कॉलोनी काटने और उसमें 70 अवैध रो-हाउस बनाने के पीछे अतिरिक्त तहसीलदार की सांठगांठ बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पटवारी गौरव यादव ने अपनी रिपोर्ट 6 अगस्त 2024 को ही सौंप दी थी। इसके बाद इस रिपोर्ट पर अतिरिक्त तहसीलदार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस कारण धन्नड़ क्षेत्र स्थित अवैध कॉलोनी में 70 रो-हाउस बना लिए गए। इन रो-हाउस को खरीदने वाले लोग अब अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। अतिरिक्त तहसीलदार यदि पटवारी की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते तो अवैध कॉलोनी में 70 रो-हाउस बनने से रोके जा सकते थे और लोगों को इस प्रकार ठगाए जाने से बचाया जा सकता था।
राऊ तहसील के धन्नड़ क्षेत्र में अपर कलेक्टर गौरव बैनल ने कार्रवाई करते हुए अवैध कॉलोनी के ऑफिस सील कर दिया। इस अवैध कॉलोनी के काटे जाने से लेकर यहां 70 रो-हाउस बनाए जाने तक की लंबी कहानी है। जानकारी में यह सामने आया है कि तत्कालीन पटवारी गौरव यादव ने मौका निरीक्षण कर मौका-पंचनामा बनाकर अपनी रिपोर्ट 6 अगस्त 2024 को ही सौंप दी थी। इसमें स्पष्ट लिखा है कि अवैध कॉलोनी में बिना टीएनसी की परमिशन और अन्य खानापूर्ति किए बगैर ड्रेनेज लाइन आदि डाली जा रही है।
पटवारी की उक्त रिपोर्ट पर अतिरिक्त तहसीलदार यदि तुरंत कार्रवाई करते तो 70 रो-हाउस बनने और अवैध कॉलोनी को आकार लेने से रोका जा सकता था। सूत्र बताते हैं कि सांठ-गांठ के चलते राऊ तहसील के अतिरिक्त तहसीलदार ने रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि यहां अवैध कॉलोनी न केवल काट दी गई बल्कि वहां 70 रो-हाउस भी बना दिए गए। इन रो-हाउस को खरीदने वाले अब स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
अवैध कॉलोनी पर करीब 7 करोड़ खर्च किए गए
सूत्र बताते हैं कि इस पूरी अवैध कॉलोनी में कुल 70 रो हाउस बनाए गए हैं। इनमें से एक के तो सौदा होने की बात भी सामने आई है। इस प्रकार यदि पूरी कॉलोनी के अवैध रो-हाउस पर नजर डाली जाए तो करीब 7 करोड रुपए लगाए गए हैं।