
Opposition to Opening of Liquor Shop : रतलाम में शराब दुकान खुलने से भड़के क्षेत्रीय रहवासी, भीषण गर्मी में सड़कों पर उतरे पुरुष, महिलाएं… जय भीम, जय भारत के झंडे फहराए!
जानिए क्या है मामला?
Ratlam : शहर के व्यस्ततम इलाके में शराब की दुकान खोलने की अनुमति देने से क्षेत्रीय रहवासियों ने विरोध जताया है उन्होंने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनभावनाओं को ताक में रखकर रिहायशी इलाकों में शराब दुकान की परमिशन देना क्षेत्रीय रहवासियों के साथ अनुचित कदम है। बता दें कि शहर के व्यवसायिक एरिया शहर सराय स्थित लोहा मंडी क्षेत्र में सोमवार को उस समय माहौल बिगड़ गया जब क्षेत्र में एक नई शराब दुकान खोलने के विरोध में स्थानीय रहवासी और व्यापारी सड़कों पर उतर आए। रहवासियों ने दुकान के विरोध में भारी प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया और जमकर नारेबाजी की।

बता दें कि यह क्षेत्र मुख्य रूप से रहवासी होने के साथ-साथ व्यस्ततम व्यवसायिक मार्ग भी है। मुख्य सड़क पर शराब दुकान खुलने से भड़के आसपास के दुकानदारों ने भी अपना समर्थन दिया और अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध जताया। रहवासियों का कहना हैं कि रिहायशी क्षेत्र और मुख्य मार्ग पर शराब की दुकान होने से क्षेत्र का माहौल खराब होगा और महिलाओं व बच्चों को निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष और शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा भी मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने भी आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि रहवासियों की मांग के चलते इस क्षेत्र में किसी भी हाल में शराब दुकान नहीं खुलने जाएगी।

इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। विशेष रूप से मुस्लिम महिलाएं बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के पोस्टर के साथ दुकान के बाहर बैठ गईं थी। महिलाओं ने दुकान के बाहर डेरा डाल दिया था और साफ कर दिया था कि वे किसी भी स्थिति में यहां शराब दुकान नहीं खुलने देंगी। प्रदर्शनकारी रहवासी और दुकानदार सड़क पर ही बैठ गए थे, जिससे यातायात बाधित हुआ था। प्रदर्शन के दौरान “शराब दुकान बंद करो” और “आबकारी विभाग मुर्दाबाद” के नारे लगाए गए। मौके पर स्थिति को देखते हुए औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी, हाट की चौकी प्रभारी पंकज राजपूत सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी पहुंचे, लेकिन रहवासी दुकान को वहां से हटाने की मांग पर अड़े रहें, अब देखना है कि इस विरोध का आबकारी विभाग के अधिकारियों पर क्या असर होता हैं????





