
Pandhurna’s Unique Fair: परंपराओं एवं मान्यताओं के साथ निभाई वर्षों पुरानी परंपरा लहू लुहान होकर, 1000 से अधिक घायल, 2 नागपुर रेफर
विधायक निलेश ऊईके नजर आए गोटमार खेलते हुए, धारा 144 के अंतर्गत संपन्न हुआ विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेला
दीपक रावल की खास रिपोर्ट
पांढुर्णा: सतपुड़ा की वादियों में विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेला पांढुर्णा जिले मे स्थित जाम नदी के तट पर हर वर्ष पोले के दूसरे दिन लहू लुहान से संपन्न हुआ, जहां सावरगांव पक्ष की ओर से सुबह 5 बजे पलाश रूपी झंडे की पूजा अर्चना कर जाम नदी के बीचों बीच लगाया गया तो दूसरी ओर पांढुर्णा पक्ष द्वारा चंडी माता मंदिर दर्शन कर झंडे पर धजा चढ़ाने का सिलसिला सुबह 9 बजे तक जारी रहा। 10:00 बजे के बाद गोटमार प्रारंभ हुई। दोपहर 2 बजे तक पांढुर्णा पक्ष के खिलाड़ी 300 से अधिक घायल हुए वही सावरगांव पक्ष के 150 से अधिक घायल हुए। घायलों के इलाज हेतु 6 अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। इनमें हनुमान मंदिर गुजरी चौक, सामुदायिक भवन झंडा चौक सावरगांव, राजेंद्र स्कूल और सिविल अस्पताल पांढुर्णा में सभी इलाज किया गया है।
मान्यताएं ऐसी है कि खेलने वाले खिलाड़ी को मां चंडीमाता मंदिर की भगुती लगाकर मंत्र पढ़े जाते हैं तो घायल ठीक हो जाता है। ऐसी भी मान्यता जुड़ी हुई है वहीं दूसरी ओर सुबह से शाम तक दोनों पक्ष अपनी परंपरा निभाते रहे गोटमार खेलते रहे। मेले के चलते खुले आम गोफन चलती रही और दोनों पक्ष के खिलाड़ी लहु लुहान होते रहे।

सुबह से शाम तक जारी रहा
चंडी माता मंदिर में दर्शन करने का सिलसिला गोटमार मेला को लेकर लोगों की चंडी माता मंदिर से गहरी आस्था जुड़ी है। एक और प्यार का प्रतीत एवं परंपराओं के नाम पर विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेला जारी रहता है और दूसरी और बड़ी संख्या मे माता के भक्तों का मंदिर में आना-जाना लगा रहता है और चारों तरफ एक ही गूंज चंडी माता की जय के नारे लगते रहते है।
600 से ज्यादा पुलिस बल मौजूद
पुलिस अधीक्षक सुंदर सिंह कनेश और जिला कलेक्टर अजय देव शर्मा हर वक्त मेले की समस्त जानकारी एवं निगरानी रख रहे थे। मंदिर में टेंट लगाकर पल पल की खबर रखी जा रही थी। पुलिस विभाग द्वारा यातायात व्यवस्था बिगड़ ना सकें जिसको लेकर समस्त मार्गों बैरिकेड लगाए ताकि भीड़ भाड़ ना हो, वही सुचारू रूप से स्वास्थ्य विभाग की टीम नगरपालिका की टीम एवं पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखे हुए थे।

दोपहर 2:00 बजे के उपरांत खूब चली गोफन
बता दें कि जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा धारा 144 के अंतर्गत गोफन चलाने पर पाबंदी रखी गई थी। वहीं दूसरी ओर गोफन चलाने वालों पर ड्रोन कैमरे से निगरानी भी रखी जा रही थी। उसके बावजूद भी सावरगांव पक्ष की ओर से पुलिया के पास से कुछ खिलाड़ी खुलेआम गोफन चलाते हुए पाए गए है वही पुलिस विभाग द्वारा कड़ी व्यवस्था मेले के चलते की गई है। वही थाना प्रभारी अजय मरकाम निरीक्षण करते रहे ताकि मेले का स्वरूप कहीं बिगड़ न सके। शांति समिति का भी विशेष योगदान रहा। जगह जगह घायलों के उपचार के लिए सुचारू रूप से जो व्यवस्था बनाई।
खास बात रही कि मेले के दौरान घायलों की सुविधा के लिए दोनों और पर्याप्त एंबुलेंस सुविधा दी गई है। भीड़भाड़ के कारण परेशानी हो रही थी लेकिन पुलिस जवान यातायात पर ध्यान रख रहे थे और बराबर एंबुलेंस चालक समय पर घायलो को इलाज हेतु पहुंचा रहे थे।
बता दे कि 3 बजे के आस पास पांढुर्णा पक्ष द्वारा कुछ खिलाड़ी झंडे के पास पहुंच गए और कुल्हाड़ी से काटने की पूरी कोशिश भी की लेकिन सफल ना हो सके और पांढुर्णा पक्ष नाकाम रहा। पत्थरबाजी में लगभग 1000 से अधिक खिलाडी घायल हुए और कुछ का इलाज अस्पताल मे जारी है।
जानकारी के मुताबिक मेले में आज विश्व प्रसिद्ध गोटमार खेला गया है। जाम नदी किनारे जहा वर्षों पुरानी परंपरा निभाते हुए पांढुर्णा एवम सावरगांव पक्ष की ओर से जम कर एक-दूसरों पर पत्थर मारे जा रहे थे। दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे। सुबह से देर शाम तक लगभग 1000 से अधिक लोग घायल हुए जिसमे दो घायल को नागपुर रेफर किया गया है। इनमें एक ज्योतिराम उईके का पैर टूट गया है, जबकि निलेश जानराव का कंधा टूटा है।

इस विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले में क्षेत्रीय विधायक निलेश उईके ने मन्नत के 5 पत्थर चलाए और चंडी माता मंदिर मे दर्शन किए ओर घायलों की जानकारी भी लेते रहा है। शाम को प्रशासन ने मध्यस्थता से आपसी समझौता हुआ और पलाश रूपी झंडे को पांढुर्णा पक्ष को दे दिया गया। झंडे को चंडी माता मंदिर पहुंचाया गया।
जिला कलेक्टर अजय देव शर्मा एवम पुलिस अधीक्षक सुंदर सिंह कनेश व एडिशनल एसपी नीरज सोनी मेला स्थल और सिविल अस्पताल में जायजा लेते रहे। साथ ही मेला स्थल पर राम मंदिर में बनाए गए सुरक्षित टावर से कई प्रमुख अधिकारियों की मौजूदगी रही व मेले पर नजर बनाए रखी। अधिकारियों द्वारा अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश देकर पुलिस फोर्स के तैनाती एवम लेकर एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग के लिए निर्देश जारी कर घायलों को एंबुलेंस की मदद से जल्द से जल्द प्राथमिक उपचार पहुंचाने एवं मेला स्थल पर चल रहे की पत्थर बाजी को हिंसक होने से बचाने के लिए दिशा निर्देश जारी करते रहे।
जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक शाम तक डटे रहे और बीएमओ दीपेंद्र सलामे से घायलों के इलाज को लेकर चर्चा करते नजर आए। कलेक्टर द्वारा खंड चिकित्सा अधिकारी को प्राथमिक उपचार को लेकर कई दिशा निर्देश दिए गए।
SP सुंदर सिंह कनेश ने मेले में भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा मेले की गतिविधियों पर नजर रखी। मेले के शांतिपूर्वक समापन पर जिला प्रशासन द्वारा सभी नगरवासियों, अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। संपूर्ण गोटमार मेला एवं पुलिस व्यवस्था का प्रभार एडिशनल एसपी नीरज कुमार सोनी को बनाया गया था। जिसमें मेला स्थल पर मौजूद रहकर जवाबदारी संभाली। एसडीएम पांदुर्णा भी मेले मे नजर आई। पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्री ब्रजेश भार्गव, पांढुर्णा थाना प्रभारी अजय मरकाम सहित समस्त पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारी मेले पर अपनी निगरानी रखे हुए थे।





