
Petrol Pump Hindering Traffic Flow : मुआवजा लेने के बावजूद मौके पर बसे खड़ी करवा रहें बस संचालक, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल?
Jaora : जिले में पेट्रोल पंप पर ट्रकों, बसों आदि खड़ी करने का चलन बढ़ गया है। जावरा में चौपाटी स्थित एक पेट्रोल पंप पर बारह महीने बसे खड़ी रहती है। जबकि इस पेट्रोल पंप मालिक का हाइवे किनारे की कुछ भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। क्या मुआवजा लेने के बाद भी पेट्रोल पंप पर बसें खड़ी करवाना या व्यावसायिक गतिविधियां जारी रखना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता हैं या नहीं, विशेषकर यदि वह भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग (NHAI) या किसी अन्य विकास परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा चुकी हो। यदि पेट्रोल पंप की भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका हैं और मुआवजा वितरित कर दिया गया हैं तो वह भूमि सरकार की हो जाती है।
ऐसे में वहां बसें खड़ी करना या व्यावसायिक उपयोग जारी रखना अवैध अतिक्रमण माना जाता है। क्या जिला प्रशासन या हाइवे हाईवे निर्माण एजेंसी इस मामलों में जिला प्रशासन और क्या NH सख्त कदम उठाएगी??? मुआवजा लेने के बाद भी अगर पंप संचालक मौके से नहीं हटते हैं तो क्या उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा या अंततः जबरन हटवाया जाएगा??
उल्लेखनीय है कि पेट्रोल पंप के पास बसों की पार्किंग सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी प्रतिबंधित है, क्योंकि यह क्षेत्र सघन आबादी के साथ ही इस मार्ग से भारी यातायात भर भी है। इससे वहां भीड़भाड़ और हादसे का खतरा बढ़ता है, यहां सारे सुरक्षा मापदंडों का उलंघन हो रहा है, जबकि यह पेट्रोल पम्प हाइवे के किनारे है। पेट्रोलियम नियमों के अनुसार, पेट्रोल पंप के कार्य क्षेत्र का उपयोग निजी व्यावसायिक पार्किंग के लिए नहीं किया जा सकता है।
यह नियम भी है कि पेट्रोल पंपों, होटल व ढाबों के सामने बेवजह भारी वाहन खड़े मिले तो प्रतिष्ठान का लाइसेंस रद करने का प्रावधान है। जिले में ओवरलोड वाहन के आवागमन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती जरूर अख्तियार किया है। सवाल???क्या जिला आपूर्ति अधिकारी पेट्रोल पंप संचालकों को नोटिस जारी कर भारी वाहन न खड़ा कराने की हिदायत देगा???





