प्रतिष्ठा द्वारा होली पर लोक गीतों के रंगारंग आयोजन के साथ फागोत्सव मनाया

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प्रतिष्ठा द्वारा होली पर लोक गीतों के रंगारंग आयोजन के साथ फागोत्सव मनाया

पंडित दीनानाथ व्यास स्मृति प्रतिष्ठा समिति भोपाल द्वारा होली पर फाग गीतों का रंगारंग आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि  लोक गीतों की शिखर सम्मान से सम्मानित गायिका पूर्णिमा चतुर्वेदी ने कहा कि होली के त्योहार पर फाग गायन का विशेष महत्व है. फाग गायन संगीत की एक विशेष कला है, जिसमें रागों के साथ ताल का मेल होता है. अपनी लोक परंपराओं व कलाओं, धरोहरों का गुम होना गंभीर चिंता का विषय है.हमें इन्हें संरक्षित करना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी ने लोकभाषा के  प्रतिष्ठित ‘ईसुरी पुरस्कार’ से सम्मानित डॉ सुमन चौरे ने निमाड़ में  होली की परम्परा  को विस्तार से बताते हुए कहा फागुनी बासन्ती माह की गणना की जाती है उन्मादी माह के रूप में। इसी माह में आता है, आनन्द, उत्साह और उल्लास का लोकपर्व होली। गाँवों में माघ पूर्णिमा के दिन शुभ मुहूर्त में एक स्तंभ, जिसे होलीका ‘डांडा’ कहते हैं, गाड़ दिया जाता है। अन्य त्योहारों की तरह होलिका दहन से एक माह पूर्व इसकी तैयारी बड़ी जोर-शोर से होती है। और माघ पूर्णिमा से फागुन पूर्णिमा, पूरा माह ‘ढाक’ के साथ राधा कृष्ण की प्रणय कथाओं के गीतों के स्वर ग्रामीणंचलों में गूँजते रहते हैं। यूँ तो गाँवों में लकड़ी कण्डे की कमी नहीं होती है, फिर भी होली के लिये लकड़ी चुराना पारम्परिक सामाजिक कृत्य मानते हैं, होलिका दहन के लिये लकड़ी देना पुण्य का कार्य मानते हैं, और सदाशय प्रकृति के लोग बड़ी उदारता से यह दान देते हैं.

मालवा के  इंदौर में परंपरागत रूप से निकलने वाली रंगारंग गेर को देखने के लिए शहर के अलावा अन्य शहरों और विदेश से भी लोग पहुंचते हैं. उनीस बात करते हुए इंदौर के बड़ा गणपति मंदिर की स्थापना और होली पर  मंजू दधीच ने बताया की गणेशजी को रंग और गुलाल कैसे चढ़ाया जाता हैं। कार्यक्रम में गणेश जीके लिए होली गीत गा कर गीतों की शुरुवात की। इस अवसर पर लोक गीत गायक  शिशिर उपाध्याय  ने मालवी गीत गाकर तालिया बटोरी। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार डॉ स्वाति तिवारी ने किया।  क्षेत्रीयता की दृष्टी से होली गीतों की प्रस्तुति दी  गई।  इस कार्यक्रम भजन गायिका प्रभा तिवारी ,कुसुम सौगानी ,प्रभा जैन ,निहारिका सिंह ,मणिमाला शर्मा ,मुन्नी गर्ग ,सुरेख भारती ,संध्या राने ,मधुलिका सक्सेना इत्यादि ने बहुत ही मधुर फाग गीत प्रस्तुत किये।

लोक गीतों में होली: फागुन के दिन चार रे रसिया—-