

Property Prices Will Increase from April 1st : इंदौर में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी महंगी, गाइड लाइन 264% तक बढ़ेगी, निपानिया सबसे महंगा, आज मुहर लगेगी!
Indore : पहली अप्रैल से नई गाइड लाइन लागू होने के बाद इंदौर और आसपास प्रॉपर्टी की कीमतें आसमान छूने लगेगी। नई कलेक्टर गाइडलाइन (2025-26) का प्रस्ताव जिला मूल्यांकन समिति द्वारा मंजूर करने के बाद आज 28 मार्च को उस पर अंतिम निर्णय होगा। लेकिन, इसमें किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है। इसलिए माना जा रहा है कि प्रस्तावित गाइड लाइन ही फाइनल है। नए प्रस्ताव के मुताबिक शहर के विजयनगर के नजदीक का निपानिया सबसे महंगा इलाका हो जाएगा। यहां गाइडलाइन ₹14400 से बढ़कर 40 हजार प्रति वर्ग मीटर हो जाएगी। यानी यह बढ़ोतरी 178% होगी।
प्रस्ताव के मुताबिक 4680 लोकेशन में से 3296 लोकेशन पर गाइडलाइन बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। इसमें 135 दावे-आपत्ति और सुझाव समिति को मिले, इनमें से 70 प्रस्ताव नई कॉलोनियों को गाइडलाइन में शामिल करने थे। उन्हें मानते हुए कुछ अन्य संशोधन भी किए गए। केंद्रीय मूल्यांकन समिति की आज की बैठक में उसी पर चर्चा होगी। फिर 1 अप्रैल से नई गाइडलाइन प्रभावी होगी।
फाइनल प्रस्ताव में अब नई कॉलोनियों की संख्या 310 हो गई है। इस बार 79 गांवों में टॉप 20 ऐसी लोकेशन्स हैं जिसमें 138% से 247% तक गाइड लाइन का प्रस्ताव रखा गया है। ऐसे ही शहरी क्षेत्र में टॉप 20 ऐसी लोकेशन्स हैं जिसमें 150% से 264% बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। वैसे गाइड लाइन में बढोतरी 20% से शुरू हुई है। इन सभी प्रस्तावों को लगभग फाइनल ही माना जा रहा है।
2025-26 के लिए जो प्रॉपर्टी गाइड लाइन वृद्धि का प्रस्ताव पंजीयन विभाग ने तैयार किया, उसमें मास्टर प्लान में शामिल होने वाले 79 गांवों पर अलग से फोकस किया गया है। इन्हीं 79 गांवों में से आउटर रिंग रोड, इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर, इकोनॉमिक कॉरिडोर और अहिल्या पथ जैसी योजनाओं के लिए जमीन मिलना है।
79 गांवों में गाइड लाइन बढ़ाने का प्रस्ताव
10 साल बाद मास्टर प्लान में शामिल होने वाले इन 79 गांवों में 20% से 263% तक गाइड लाइन बढ़ाने का प्रस्ताव है। इस पर केंद्रीय मूल्यांकन समिति अपनी मुहर लगाएगी। हालांकि इसमें मामूली बदलाव भी संभव है। तीन से ज्यादा गांव ऐसे हैं जिनमें 200% से ज्यादा की गाइड लाइन बढ़ाई गई। इनमें सबसे ज्यादा हातोद की तीन गांव नई बस्ती (वार्ड-7 अहिल्या) की 264%, खैर गवली (वार्ड-15 मौलाना आजाद वार्ड) की 233% और परिहार कॉलोनी (वार्ड-4 सुखदेव नगर) की 213% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। इसी कड़ी में अन्य टॉप लोकेशन्स में देवी अहिल्या कॉलोनी, शस्त्र बाहु खजराना चौराहा से जमजम चौराहा, ग्लैमर हिल सिटी, निपानिया मेन रोड (दोनों ओर), व्हाइट फील्ड (पीपल्याकुमार), गरीब नवाज नगर, रामकृष्ण बाग, कासा विला, गोयल एवेन्यू आदि हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में टॉप तीन लोकेशन्स (गांवों) में रोजडी की 247%, सिंदोडी की 233% और मोकलाय की 233% गाइड लाइन बढ़ाने का प्रस्ताव है। अन्य में रिंजलाय की 189%, सिंदोड़ा की 178%, खेड़ी की 168%, बाइनका की 150%, बडोदा सिंध 150%, गुर्दखेड़ी की 150%, बड़ी कलमेर की 150%, गुवाडी की 150%, रिछाबरदी की 145%, माली बडोनिया की 140%, न्यू गुराडिया की 139% और बेरछा की 138% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। इसी तरह बाल्याखेड़ी, बरलाई जागीर, अर्जुन बड़ौद समेत कई गांवों में वृद्धि प्रस्तावित की गई है।
नई कॉलोनियों की संख्या 310 हो गई
इसके बाद 1 अप्रैल से नई गाइडलाइन प्रभावी होगी। फाइनल प्रस्ताव में अब नई कॉलोनियों की संख्या 310 हो गई है। अहिल्या पथ, इकोनॉमिक कॉरिडोर, पूर्वी और पश्चिमी बायपास और इंदौर-उज्जैन ग्रीन फीडर एक्सप्रेस जैसी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में आने वाली जमीनों की की गाइड लाइन बढ़ने किसानों को काफी फायदा होगा।
पहली बार योजना लागू होने के बाद योजनाओं की जमीनों की नपती के गांवों में 67 से 189 तो इंदौर- पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के गांवों में 93 से 233% बढ़ोतरी होना संभावित है। इंदौर-उज्जैन ग्रीन फीडर एक्सप्रेस के गांवों में 40 से 200%, पूर्वी बायपास के गांवों में 46 से 275% और पश्चिम बायपास में 100 से 200% गाइड लाइन के प्रस्ताव हैं।