
महानगरों में रैगिंग हुई बेलगाम, एक दिन में इंदौर, भोपाल और ग्वालियर की एक साथ शिकायत दर्ज
भोपाल:यूजीसी की एंटी रैगिंग कमेटी में एक दिन में प्रदेश के तीन महानगरों में रैगिंग की शिकायत दर्ज हुई है। इसमें सबसे पहली शिकायत भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के खिलाफ दर्ज की गई हैं। इसके बाद ग्वालियर के लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फिजिकल एजुकेशन और इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एडं रिसर्च सेंटर शािमल हैं। इसके पहले जबलपुर के धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में प्रवेशरत विद्यार्थी ने शिकायत दर्ज कराई थी।
अभी तक प्रदेश के शहरों के कालेज और संस्थानों में रैगिंग की शिकायतें दर्ज होती रही हैं, लेकिन अब रैगिंग ने सूूबे के महानगरों को एक ही दिन में अपने शिकजें में कस लिया है। बीयू के जवाहर हास्टल में रहने वाले जूनियर विद्यार्थी ने शिकायत करते हुए कि दो सीनियर विद्यार्थी कूलर में पानी भरवाते हैं। वो बार-बार पीने के पानी को भरकर लाने को कहते हैं। इसके अलावा वे अपने प्रोजेक्ट का कार्य भी करते हैं, जिससे वे काफी परेशान हो चुके हैं। जूनियर से सीनियर से तंग आकर शिकायत दर्ज कर सीनियर के खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार यूजीसी की एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर लगाई है।
जूनियर की पीडा को देख हेल्पलाइन ने बीयू को कार्रवाई करने के लिए ई-मेल कर दिया है। अब बीयू मंगलवार को जूनियर की तलाश कर सीनियर पर कार्रवाई करेगा। वहीं पूर्व में हुई रैगिंग की घटना को फर्जी बताया गया है। इसकी रिपोर्ट यूजीसी को भेज दी गई है। क्योंकि जिन विद्यार्थियों पर रैगिंग के आरोप लगाए गए हैं, वे हास्टल में रहते ही नहीं हैं।
*ग्वालियर*
ग्वालियर के लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फिजिकल एजुकेशन में कुछ सीनियर विद्यार्थियों ने जूनियर विद्यार्थी के साथ दुर्व्यवहार किया है। यहां तक उससे कुछ अपने जरुरी कार्य कराने का दवाब भी बना रहे हैं। इससे परेशान होकर जूनियर ने शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की है।
*इंदौर*
इंदौर के मालवांचल विश्वविद्यालय में संचालित इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एडं रिसर्च सेंटर में रैगिंग का मामला सामने आया है। यहां भी जूनियर विद्यार्थियों को रैगिंग का शिकार बनाया गया ह। उनके साथ दुर्व्यवहार कर मारपीट की गई है।
*जबलपुर*
धर्मशास्त्र विधि संस्थान में रैगिंग की घटनाएं नहीं रुक रही हैं। 14 अप्रैल को दर्ज हुई शिकायत में जूनियर विद्यार्थी के साथ मारपीट की गई है। एक सप्ताह बीतने के बाद संस्थान सीनियर के खिलाफ कोई उचित कार्रवाई नहीं कर पाया है, जिसके कारण हेल्पलाइन ने शिकायत को गंभीर श्रेणी में रखा है।





