

लेखिका सुषमा व्यास राजनिधि’ के कहानी संग्रह तीसरे कदम की आहट का विमोचन
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के तत्वावधान में हिंदी गौरव अलंकरण के आयोजन के साथ ही इंदौर की लेखिका सुषमा व्यास राजनिधि’ के संस्मय प्रकाशन से प्रकाशित नवीन कहानी संग्रह ‘तीसरे कदम की आहट ‘का विमोचन राजेन्द्र माथुर सभागार, प्रेस क्लब इन्दौर में भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक संजय द्विवेदी, इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी, वरिष्ठ कहानीकार, इंदौर लेखिका संघ की संस्थापक डॉक्टर स्वाति तिवारी, वरिष्ठ साहित्यकार नीरजा माधव एवं पत्रकार शिवकुमार तथा के कर कमलों द्वारा लोकार्पण संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पूर्व डायरेक्टर जनसम्पर्क श्री सुरेश तिवारी , वरिष्ठ साहित्यकार सूर्यकांत नागर, नर्मदा प्रसाद उपाध्याय, बेणी माधव , पुरुषोत्तम दुबे, योगेंद्र शुक्ल, ईश्वर शर्मा, दीपक विभाकर नाईक, अर्जुन रिछारिया जयसिंह रघुवंशी ,संदीप त्रिपाठी ,विनीता तिवारी,मणिमाला शर्मा ,दीपा मनीष व्यास, अर्चना मंडलोई, संध्या राय चौधरी, डॉ,सुनीता फडनीस ,अंतरा करवड़े वसुधा गाडगिल, सुधाकर मिश्रा, डॉ सुनीता फडनवीस, अश्विन खरे देवेंद्रसिंह सिसोदिया ,इत्यादि मौजूद रहे।
लेखिका सुषमा व्यास राजनिधि’ ने अपने माता-पिता को स्मरण करते हुए तीसरी कदम की आहट पर विस्तार से चर्चा की तथा सुषमा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुझे साहित्य में आने के लिए मेरी साहित्यक गुरु डॉ स्वाति तिवारी ने प्रोत्साहित किया ,मुझे उन्होंने इस हेतु इंदौर लेखिका संघ और अन्य साहित्यिक संस्थाओं से जोड़ा और उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद मुझे मिला उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करती हूँ । संस्मय प्रकाशन मातृभाषा से जुड़ा हिंदी भाषा को समर्पित प्रकाशन है। संस्मय प्रकाशन साहित्य में व्यवसाय की दृष्टि से नहीं बल्कि हिंदी भाषा की सेवा के लिए पूर्ण रूप से समर्पित प्रकाशन है। उनका अपने लेखकों से एक आत्मीय संबंध बन जाता है और जब प्रकाशक और लेखक में आत्मिक तादात्म्य हो तो वहाँ तो उच्चस्तरीय और सुंदर संग्रह रूपी पुस्तकें पाठक को पढ़ने को मिलेंगी ही, इसीलिए मैंने संस्मय प्रकाशन को चुना। संस्मय के डॉ. अर्पण जैन, भावना शर्मा और शिखा जैन से मेरा स्नेहिल संबंध बना, जो मेरी लेखनी को भी उत्साहित कर रहा है।कार्यक्रम में प्रोफेसर अरविन्द व्यास सहित लेखिका के कई परिजन भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर लेखिका ने सभी के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
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