
रिटायर्ड व ट्रांसफर कर्मचारियों को 6 माह तक शासकीय आवास की सशर्त अनुमति, इसके बाद सख्ती से होगी बेदखली
भोपाल: गृह विभाग ने शासकीय आवासों से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए सख्त आदेश जारी किया है। आदेश के तहत सेवानिवृत्त, स्थानांतरित या सेवा से पृथक शासकीय सेवकों को सीमित अवधि तक ही शासकीय आवास में रहने की अनुमति दी गई है। तय अवधि के बाद आवास खाली नहीं करने पर दण्डात्मक किराया व बेदखली जैसी सख्त कार्यवाही की जाएगी।
आदेश के अनुसार, भोपाल से बाहर स्थानांतरण की स्थिति में शासकीय सेवक अधिकतम 6 माह तक आवास धारण कर सकेगा। इस अवधि में सामान्य दर से किराया लिया जाएगा, लेकिन तय समय के बाद आवास खाली नहीं करने पर दण्डात्मक किराया वसूला जाएगा और बेदखली की कार्रवाई होगी।
सेवानिवृत्ति की स्थिति में कर्मचारी को कुल 6 माह की राहत दी गई है। पहले 3 माह तक शासकीय आवास सामान्य किराया दर पर रखा जा सकेगा। इसके बाद अगले 3 माह तक आवास रखने पर सामान्य किराए की 10 गुना दर से किराया देना होगा। छह माह की अवधि समाप्त होने के बाद भी आवास खाली नहीं किया गया तो कर्मचारी से दंड स्परूप किराया वसूल किया जाएगा और बेदखली की कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा त्यागपत्र, सेवा से पृथक होने या अन्य कारणों से अनधिकृत होने की स्थिति में शासकीय सेवक को केवल 3 माह तक ही आवास धारण करने की अनुमति दी जाएगी, वह भी सामान्य किराया दर पर। तीन माह की अवधि समाप्त होते ही नियमानुसार दण्डात्मक किराया वसूली और बेदखली की कार्यवाही की जाएगी।





