
निःशब्द सातारा: आठ घंटे की बेटी ने तिरंगे में लिपटे पिता को दी अंतिम विदाई
Satara: महाराष्ट्र के सातारा जिले में मंगलवार का दिन ऐसा दर्द छोड़ गया, जिसने पत्थर दिलों को भी रुला दिया। भारतीय सेना के जवान प्रमोद परशुराम जाधव अनंत यात्रा पर चले गए, लेकिन पीछे ऐसा दृश्य छोड़ गए जिसे देख हर आंख भर आई। जन्म के महज आठ घंटे बाद नवजात बेटी को पिता के अंतिम दर्शन के लिए लाया गया, जिसे कभी उनकी गोद नसीब नहीं हो सकी।
● पिता बनने की खुशी में घर आए थे जवान
भारतीय सेना में तैनात जवान प्रमोद जाधव पितृत्व अवकाश पर घर आए थे। उनकी पत्नी रुतुजा जाधव की डिलीवरी होने वाली थी। परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
● अस्पताल जाते समय हुआ भीषण हादसा
पत्नी को लेकर अस्पताल जाते समय रास्ते में प्रमोद जाधव की गाड़ी भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे में प्रमोद गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो गया।
● कुछ घंटों बाद बेटी का जन्म
दुर्घटना के कुछ ही घंटों बाद पत्नी रुतुजा ने एक बेटी को जन्म दिया। जिस समय घर में किलकारी गूंजनी थी, उसी समय मातम छा गया। बेटी के जन्म की खबर के साथ ही परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा।

● तिरंगे में लिपटा पिता, गोद में नवजात
अंतिम संस्कार के दौरान सबसे हृदयविदारक दृश्य तब सामने आया, जब केवल आठ घंटे की नवजात बच्ची को तिरंगे में लिपटे पिता के अंतिम दर्शन के लिए लाया गया। पत्नी रुतुजा, जो अभी प्रसव पीड़ा से उबरी भी नहीं थीं, स्ट्रेचर पर अपने सुहाग को अंतिम विदाई देने पहुंचीं। यह दृश्य देख मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
● गांव और जिले में शोक की लहर
प्रमोद जाधव के पैतृक गांव सहित पूरे सातारा जिले में शोक की लहर फैल गई। हजारों लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। भारत माता की जय और जवान अमर रहे के नारों के बीच पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
● देश को अपने जवान पर गर्व
प्रमोद जाधव देश की सीमाओं पर तैनात रहकर राष्ट्र सेवा कर रहे थे। उनकी असमय मृत्यु ने एक परिवार से पिता और पति छीन लिया, लेकिन देश ने एक वीर सपूत को खो दिया। पूरा देश इस दुख की घड़ी में शहीद जवान के परिवार के साथ खड़ा है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि देश की सुरक्षा में लगे जवानों के पीछे कितनी अधूरी खुशियां और कितने अनकहे बलिदान छिपे होते हैं।





