मंदसौर के दुष्कर्मियों को फांसी की सज़ा, एक माह नौ दिनों में हुआ फैसला

मंदसौर के दुष्कर्मियों को फांसी की सज़ा, एक माह नौ दिनों में हुआ फैसला

मीडियावाला.इन। मंदसौर: मंदसौर के इतिहास में दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी की सजा का यह पहला फैसला है ।

घटना के मुताबिक 26 जून 2018 को हाफिज कॉलोनी स्थित विद्यालय से बहला फुसलाकर ले गए , आरोपी इरफान के साथ एक अन्य आरोपी आसिफ़ मिला और लक्ष्मण दरवाजा स्थित वीरान इलाके में आरोपियों ने 7 वर्ष की बालिका के साथ घिनौनी हरकत की । दुष्कर्म कर धारदार हथियार से गले पर गहरे घाव कर दिये।शरीर के अन्य अंगों को भी खराब किया । मरणासन्न अवस्था में बालिका को मृत समझ भाग खड़े हुए । वर्षा के दौरान राहगीरों ने बालिका को देखा । पुलिस को सूचना हुई ।तत्काल पुलिस ने बालिका को लेकर जिला चिकित्सालय में पहुंचे । आरम्भिक उपचार के बाद इंदौर के एम वाई अस्पताल में भर्ती किया । 

इधर पुलिस ने धरपकड़ करते हुए एक आरोपी  इरफ़ान को गिरफ्तार किया। सघन पूछताछ में एक नाम आसिफ़ का सामने आया , पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार किया । पुलिस रिमांड में कड़ाई से पूछताछ हुई ।

पुलिस अधीक्षक मनोजकुमार सिंह ने सी एस पी राकेश मोहन शुक्ला और एक दर्जन पुलिस अधिकारियों की एस आई टी गठित की । पुलिस ने 12 जुलाई को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट प्रस्तुत की ।

न्यायाधीश श्रीमती  निशा गुप्ता के न्यायालय में 30 जुलाई से प्रकरण में गवाही शुरू हुई  , जो 8 अगस्त तक जारी रही। 300 से अधिक पृष्ठों की चार्जशीट में 37 गवाह प्रस्तुत हुए  , 115 दस्तावेज साक्ष्य के रखे गए । 

दिनांक 14 अगस्त को बहस हुई ।

आरोपियों की और से प्रावधानों के अनुसार विधिक सहायता के अंतर्गत वकील प्रस्तुत हुए ।एक आरोपी आसिफ़ की और से सीहोर से एक वकील न्यायालय में प्रस्तुत हुए । प्रकरण में आरोपी  नकारते रहे । 

इधर बालिका का गम्भीर हालत में उपचार इंदौर में होता रहे ।ऑपरेशन भी किया गया । अभी उपचार जारी है । न्यायालय में बालिका ने शिनाख्त करते हुए दोनों आरोपियों को पहचान लिया ।

पुलिस की और से आर एम शुक्ला , सहायक पब्लिक प्रोसिक्यूटर, नितेश कृष्णन , सब इंस्पेक्टर पुष्पा चौहान , जया भारद्वाज , नगर निरीक्षक विनोद कुशवाह आदि ने प्रकरण में साक्ष्य और दस्तावेजों को जुटाया. उल्लेखनीय है कि जिला अभिभाषक संघ , मंदसौर ने निर्णय लिया कि दुष्कर्म के आरोपियों का केस नहीं लेंगे । इसके कारण विधिक सहायता सेल से वकील उपलब्ध कराए गए। न्यायालय के निर्णय से आम लोगों में संतोष व्यक्त किया जा रहा है । न्यायालय के अनुसार फाँसी की सजा होने के एक माह में आरोपी उच्च न्यायालय में अपील कर सकते हैं । निर्णय के बाद भारी सुरक्षा में दोनों आरोपियों को जेल ले जाया गया । बड़ी भीड़ एकत्र थी , कुछ लोगों ने आरोपियों को मारपीट का प्रयास किया , पुलिस ने अप्रिय स्थिति को टाला ।

दोनों आरोपियों को सजा सुनाने के बाद जैल लेकर जाते पुलिस जवान

 

 

ऑडियो में पब्लिक प्रोसिक्यूटर नितेश कृष्णन और श्री चौहान

https://drive.google.com/file/d/1KY4XDX2qnj9WAyGoovZNr9-EHST-Pd4n/view?usp=sharing

0 comments      

Add Comment