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छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की अमर गाथाकार, पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी कलाकार डॉ. तीजन बाई जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।
उनका निधन न केवल लोककला जगत के लिए, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ तथा समस्त देश की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। अपने अद्वितीय…
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) July 5, 2026
तीजन बाई 1988 में पद्मश्री,
1995 में संगीत नाटक अकादमी, 2003 में कला के क्षेत्र का पद्म विभूषण, 2007 में नृत्य शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी है।
2017 में खैरागढ़ विश्वविद्यालय से D lit बाद में आप विभिन्न संस्थानों से 4 बार डि लीट की उपाधि से सम्मानित हो चुकी है। तीजन बाई का जन्म 8अगस्त 1956 को दुर्ग जिले के पाटन तहसील के अटारी ग्राम में हुआ।
मुख्यमंत्री वैष्णो देव साय ने तीजन बाई के निधन पर दुख व्यक्त किया है।

