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इस समय बांग्लादेश से जो खबरें आ रही हैं, वे भविष्य के बड़े खतरे का बिगुल बजा रहे हैं। वहां के दंगाइयों ने एक बार साबित कर दिया कि वे अपने देश की आजादी में शेख मुजीबुर्रहमान के योगदान व उनके परिवार के बलिदान की भी रत्ती भर चिंता नहीं करते । ऐसे में वहां बसे हिंदुओं का किसी गंगा-जमुनी रहम की आशा रखना हद दर्जे की मूर्खता ही होती। जो अराजक भीड़ संसद भवन में घुसकर वहां तोड़फोड़ कर सकती है, जो भीड़ प्रधानमंत्री आवास से साजो सामान लूटकर सड़क पर लहराते हुए ले जायें, जैसे किसी सस्ते माल की सेल से खरीद कर आ रहे हों, वे हिंदुओं की जान-माल-असबाब पर मेहरबानी कैसे करते? मुझे हैरत इस बात की है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के बनने के बाद से ही वहां हिंदुओं पर अत्याचार,लूट,बलात्कार,जबरिया धर्म परिवर्तन का अखंड सिलसिला चल रहा हो, वहां वे अभी-भी रुके हुए क्यों हैं?
खबरें आ रही हैं कि बांग्लादेश के मौजूदा हालात के पीछे अमेरिका का हाथ है। शेख हसीना के इस्तीफा देकर पलायन के तत्काल बाद ही सेना ने मोर्चा संभाल लिया और सबसे पहला काम विपक्षी नेता खालिदा जिया की रिहाई का किया गया। वे पूर्व तानाशाह जियाउर रहमान की बेवा हैं, जो 1977 से 1981 तक राष्ट्पति रहे थे। उनकी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने जनवरी 2024 में हुए आम चुनाव का बहिष्कार किया था, जिससे अवामी लीग भारी बहुमत से सत्ता में आई थी। उसके बाद से ही देश में आंदोलन खड़ा हुआ था,जो ज्वालामुखी बनकर फटा है।
बांग्लादेश की घटना भारत को चिंतित व सावधान करने वाली है। नेपाल में हाल ही में चीन समर्थक सरकार आई है। श्रीलंका चीन के प्रभाव में जा रहा है। पाकिस्तान में चीन समर्थक सेना का सत्ता पर दबदबा है। बांग्लादेश में सेना भी चीन समर्थक है। चीन और भारत के रिश्ते कभी सामान्य नहीं रहे। इसलिये शेख हसीना के हाथ से सत्ता जाना केवल वहां का अंदरूनी मामला नहीं रह गया है। हसीना तो अभी भारत में रुकी हुई हैं। उनका यहां लंबे समय रुकना कठिन है।
इस माहौल में एक बार फिर याद आ रहा है नागरिकता कानून में हुआ संशोधन, जिसके तहत पाकिस्तान,बांग्लादेश,अफगानिस्तान,नेपाल में बसे हिंदुओं को भारत में बसने की रियायत दी गई है, जो कतिपय तुष्टिकरणप्रेमी नेताओं को पसंद नहीं आया था और जिसे मुस्लिम विरोधी तक करार दे दिया गया था। जबकि वह पड़ोसी मुल्कों में बसे मूल भारतीयों के लिये सम्मानजनक पुर्नवास की व्यवस्था करता है। अभी आग दावानल भी बन सकती है। इसे चिंगारी समझना भयंकर भूल होगी।