
जल्द खत्म हो सकती है होमगार्ड्स की कॉल आफ व्यवस्था,शासन को भेजा प्रस्ताव
भोपाल: प्रदेश में होमगार्ड जवानों के लिए वर्षो से विवाद और असंतोष का कारण रही कॉल-आफ व्यवस्था अब समाप्त होने की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद होमगार्ड मुख्यालय ने प्रस्ताव तैयार कर गृह विभाग को भेज दिया है। अब सरकार स्तर पर निर्णय होने के बाद इस व्यवस्था को औपचारिक रूप से समाप्त किया जा सकता है। होमगार्ड जवान लंबे समय से इस मांग को उठाते रहे हैं कि उन्हें वर्ष के सभी 12 महीनों का नियमित कार्य और वेतन मिले। कॉल-आफ व्यवस्था के तहत जवानों को निर्धारित अवधि के लिए ड्यूटी से अलग कर दिया जाता था, इस दौरान उन्हें वेतन भी नहीं मिलता था।
प्रदेश में वर्ष 2022 से पहले हर प्रति वर्ष दो माह के लिए नगर सैनिकों को कॉल आफ पर भेजा जाता है। इस दौरान उन्हें दो माह का वेतन नहीं दिया जाता था। वर्ष 2022 में राज्य सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए आदेश जारी किया था कि होमगार्ड जवानों को हर वर्ष दो माह के बजाय प्रत्येक तीन वर्ष में दो माह के लिए कॉल-आफ पर भेजा जाएगा। इस व्यवस्था ने उन्हें थोड़ी राहत दी। इसके बाद भी उनकी मांग रही थी कि कॉल आफ व्यवस्था समाप्त की जाए।
इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 दिसंबर 2025 को होमगार्ड जवानों को संबोधित करते हुए कॉल-आफ व्यवस्था समाप्त करने की घोषणा की थी। बताया जाता है कि यह प्रस्ताव 28 अप्रैल को गृह विभाग को भेजा गया है। गृह विभाग द्वारा परीक्षण और विधि विभाग की राय लेने के बाद यह मामला मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जा सकता है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद नई व्यवस्था लागू हो सकेगी। यदि यह व्यवस्था लागू हुई तो लगभग 9 हजार 438 होमगार्ड्स को कॉल आफ से मुक्ति मिल जाएगी।





