
विश्व संगीत दिवस पर मंदसौर के लता मंगेशकर संगीत महाविद्यालय में शास्त्रीय गायन और सारंगी वादन का आयोजन हुआ
राग पूरिया धनाश्री और मारू बिहाग से गूंजा परिसर, श्रोता हुए भाव-विभोर
मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट
मंदसौर। विश्व योग एवं संगीत दिवस के मौके पर रविवार शाम लता मंगेशकर शासकीय संगीत महाविद्यालय में आयोजित संगीत सभा ने मंदसौर के रसिकों को शास्त्रीय संगीत की अनुपम अनुभूति दी। मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के निर्देशन में हुए इस आयोजन में डॉ. नीलिमा छापेकर के ख्याल गायन और उस्ताद मुन्ने खां साहब की सारंगी वादन ने समां बांध दिया।

कार्यक्रम का आगाज संगीत महाविद्यालय के नृत्य विभाग की छात्राओं की गणेश वंदना की नृत्य प्रस्तुति से हुआ। मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर और अध्यक्षता कर रहीं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा डॉ विजय पाटीदार ने दीप प्रज्वलित कर संगीत सभा का शुभारंभ किया।
संगीत की रागों में डूबा परिसर
सुप्रसिद्ध गायिका डॉ. नीलिमा छापेकर ने राग पुरियाधनाश्री में बड़ा ख्याल “तोरे चरण कैसे पाऊँ” झपताल में प्रस्तुत कर श्रोताओं को बांध लिया। इसके बाद “जय-जय करतार तोरी” तीनताल और मीराबाई का भजन सुनकर हॉल तालियों से गूंज उठा। 50 साल की साधना की झलक उनकी हर तान में दिखी।
ग्वालियर घराने के उस्ताद मुन्ने खां साहब ने सारंगी वादन से राग मारू बिहाग की आलाप-जोड़-गत से माहौल संगीतमय कर दिया। सारंगी की मींड और गमक पर श्रोता आंख बंद कर झूमते नजर आए।

तबले पर श्री अभय माणके, श्री शाहनवाज हुसैन और हारमोनियम पर श्री रवि किलेदार की संगत ने प्रस्तुति को ऊंचाई प्रदान की।
उस्ताद मुन्ने खां साहब की सारंगी और तबले पर शाहनवाज हुसैन की जुगलबंदी ने समां बांध दिया।
“संगीत साधना है”
मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी गुर्जर ने कहा कि संगीत साधना है और यह रियाज़ के साथ अनुशासन भी सिखाता है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा पाटीदार ने कहा कि योग के साथ संगीत स्वस्थ तन-मन के लिए जरूरी है। ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध संस्कृति को पोषित करते हैं।

संगीत सभा समापन पर प्राचार्य डॉ. उषा अग्रवाल ने सभी कलाकारों और अतिथियों का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया। 2 घंटे से अधिक समय चले कार्यक्रम में संगीत प्रेमी सभा समाप्ति तक मौजूद रहे, जिनमें जन परिषद मंदसौर चैप्टर अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ घनश्याम बटवाल, पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष श्री मदनलाल राठौर, डा सुभाष कोठारी, डॉ राधा कोठारी, रविन्द्र पाण्डेय, अजीजुल्लाह ख़ालिद, नरेंद्र भावसार, नंदकिशोर राठौर, ललित बटवाल, अतुल साकेत, दीपक राव, मालती शर्मा, योगगुरू श्री बंशीलाल टांक, रामनारायण गंधर्व, श्री राजमल गन्धर्व, एडवोकेट सुधा कुर्मी, गीत अखंड कमलेंदु गंधर्व तथा साहित्य और सांस्कृतिक संस्थाओं और संगीत के विद्यार्थी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। संचालन श्री वैष्णव ने किया, आभार प्राचार्य डॉ उषा अग्रवाल ने माना।





