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जांच टीम ने बताया कि यह पूरा नेटवर्क भोपाल से संचालित हो रहा था और इसके तार अन्य इलाकों से भी जुड़े हैं। इस दौरान मिले डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी मदद से डिलीट डेटा को वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है। इस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एजेंसियों का मानना है कि इन वीडियो के जरिए पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और उससे जुड़े अन्य लोगों का खुलासा हो सकता है।