MP में खनिज निधि के दुरुपयोग की जांच अब केन्द्र सरकार कराएगी,केन्द्रीय दल करेगा जांच

31

MP में खनिज निधि के दुरुपयोग की जांच अब केन्द्र सरकार कराएगी,केन्द्रीय दल करेगा जांच

भोपाल:  मध्यप्रदेश में जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि के दुरुपयोग पर अब केन्द्र सरकार का शिकंजा रहेगा। निधि के अनुचित उपयोग, परियोजना का घटिया क्रियान्वयन और प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण के निर्देशों का उल्लंघन करने पर अब केन्द्र सरकार केन्द्रीय दल को भेजकर जांच कराएगी या तीसरे पक्ष से इस पूरे गड़बड़ घोटाले की जाच कराएगी।

मध्यप्रदेश खनिज संपदा से परिपूर्ण है। यहां सोने, हीरा, डोलोमाइट, कोयला और कई महत्वपूर्ण खनिज संपदा का खनन कार्य किया जाता है। इससे मिलने वाली राशि हर जिले में खनिज प्रतिष्ठान निधि के रुप में जमा होती है। इस निधि के उपयोग के लिए राज्य की सीमाएं तय है लेकिन देखने मेंं यह आ हा है कि मध्यप्रदेश में इसका दुुरुपयोग हो रहा है। इन अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए केन्द्र सरकार ने इसमें हस्तक्षेप करते हुए खनिज प्रतिष्ठान निधि के दुरुपयोग की शिकायतो की जांच तीसरे पक्ष या केन्द्रीय दल से कराने का निर्णय लिया है।

यदि भारत सरकार को जिला खनिज निधि के अनुचित उपयोग किए जाने, परियोजना का घटिया क्रियान्वयन करने या प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के निर्देशो का उल्लंघन किए जाने के संबंध में शिकायत प्राप्त होती है तो केन्द्र सरकार इस संबंध में राज्य शासन को शिकायत भेजकर पहले इस पर प्रतिवेदन बुलाएगी। भारत सरकार से शिकायत प्राप्त होंने के दो माह के भीतर राज्य शासन को उस पूरी शिकायत के संबंध मे प्रतिवेदन देना होगा। यदि केन्द्र सरकार चाहे तो यहr निर्देश भी दे सकेगी कि यह पूरी जांच केन्द्रीय दल को भेजकर करवाए अथवा किसी तीसरे पक्षकार से प्राप्त शिकायत की जांच कराएगी। केन्द्रीय दल या तीसरे पक्षकार से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर भारत सरकार राज्य सरकार को आवश्यक सुधार के लिए निर्देश देकर एक माह के भीतर उसके लिए उचित उपाय करने को कह सकेगी। राज्य सरकार को किए गए सुधार के उपायों के कार्यान्वयन पर एक प्रतिवेदन देना होगा। गड़बड़ी पाए जाने पर एक या सभ्ज्ञी नये कार्यो की स्वीकृति के निलंबन या एक किसी एक या पूर्व से स्वीकृत सभी कार्यो के क्रियान्वयन और जहां बैंक में निधि जमा है उसके क्रियान्वयन एजेंसी का बैक खाता से सभी कार्यो पर रोक लगाई जा सकेगी।