
Four-Lane Highway’s Deadly Journey : नामली फोरलेन के ‘खूनी सफर’ पर समाजसेवी बंटी डाबी का प्रहार, 4 साल का संघर्ष लाया रंग, ‘फोरलेन रोड सुझाव निगरानी विकास समिति’ का गठन!
Ratlam : रतलाम-चित्तौड़गढ़ फोरलेन पर काल का ग्रास बन रहें निर्दोष लोगों की सुरक्षा के लिए जिले के नामली निवासी समाजसेवी बंटी डाबी और सर्व समाज का 4 वर्षों का लंबा संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। हाल ही में मुकेश कुमावत की सड़क हादसे में हुई दर्दनाक मौत के बाद उपजे भारी जनाक्रोश ने प्रशासन को घुटनों पर ला दिया है।
जब सड़क पर होने वाला था दाह संस्कार!
मुकेश कुमावत की मौत के बाद आक्रोशित सर्व समाज ने शव का दाह संस्कार फोरलेन रोड पर ही करने का कड़ा फैसला लिया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस SDOP किशोर पाटनवाला और पूर्व थाना प्रभारी गायत्री सोनी ने मौके पर मोर्चा संभाला। अधिकारियों के काफी अनुनय-विनय और सुरक्षा सुधारों के लिखित आश्वासन के बाद, परिजनों ने निर्णय बदला और शांतिवन मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ था।

समिति का विधिवत गठन!
अब सीधे MPRDC से आर-पार समाजसेवी बंटी डाबी के नेतृत्व में इस लड़ाई को प्रशासनिक रूप देने के लिए पार्षद ममता बकट लाल डाबी के लेटर पैड पर “फोरलेन रोड सुझाव निगरानी विकास समिति” का गठन किया गया है। MPRDC के सह-संचालक अमित कुमार भूरिया को विधिवत पत्र भेजकर समिति के गठन की सूचना दी गई है।
समिति के प्रमुख पदाधिकारी समिति में क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। जिसमें अध्यक्ष बंटी डाबी (बंकटलाल डाबी), उपाध्यक्ष भगवती लाल गेहलोत, सचिव दिलीप कर्णधार (वरिष्ठ पत्रकार), सह-सचिव तूफान सिंह सोनगरा, कोषाध्यक्ष संजय चौहान (पूर्व पार्षद), वरिष्ठ सदस्य गणेश गुर्जर (मंडी विधायक प्रतिनिधि), सदस्यगण मोतीलाल हरिया, दिलीप सिंह सोलंकी, बहादुर कुमावत, कमलेश कुड़र को सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया हैं।

समिति की मुख्य मांगें और रणनीति!
अध्यक्ष बंटी डाबी ने बताया कि समिति द्वारा संबंधित अधिकारियों को ईमेल और डाक के माध्यम से विस्तृत कार्ययोजना भेजी गई है। समिति मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर काम करेगी, फोरलेन पर नियमों के अनुसार हाईमास्क लाइटिंग की व्यवस्था, ब्लैक स्पॉट्स पर स्पीड ब्रेकर और रेडियम संकेतक बोर्ड लगाना, चौराहे और फंटों पर सिग्नल लाइट की सुविधा सुनिश्चित करना, प्रशासन और निर्माण कंपनी को अब हमारी समिति के साथ समन्वय करना होगा। यह केवल एक ज्ञापन नहीं है, बल्कि नामली की जनता की सुरक्षा का संकल्प हैं!





