
खुले बाजार से 5 हजार 8 सौ करोड़ रुपए का कर्ज ले रही सरकार, पहले ही सवा 4 लाख करोड़ का है कर्ज
भोपाल: राज्य सरकार एक बार फिर खुले बाजार से कर्ज लेने जा रही है। तीन किश्तों में 11 मार्च को राज्य सरकार 5 हजार 800 करोड़ रुपए का कर्ज खुले बाजार से ले रही है।।
राज्य सरकार ने खुले बाजार से कर्ज लेने के लिए रिजर्व बैंक आफ इंडिया के मुंबई आफिस के जरिए कोर बैंकिंग साल्यूशन ई कुबेर सिस्टम के जरिए देशभर की वित्तीय संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित किए थे। इन सभी प्रस्तावों को 11 मार्च को खोला जाएगा और राज्य सरकार जो वित्तीय संस्था राज्य के अनुकूल शर्तो पर सबसे कम ब्याज दर पर कर्ज देने को तैयार होगी उससे ही यह कर्ज लिया जाएगा।
पहला कर्ज 19 सौ करोड़ रुपए का होगा जो कि दस वर्ष के लिए लिया जा रहा है। इस कर्ज को राज्य सरकार 11 मार्च 2036 को वापस लौटाएगी। दूसरा कर्ज 1 हजार 7 सौ करोड़ का होगा यह कर्ज राज्य सरकार चौदह वर्ष के लिए ले रही है। इस कर्ज की अदायगी राज्य सरकार 11 मार्च 2040 को करेगी। तीसरा कर्ज राज्य सरकार 22 सौ करोड़ रुपए का लेगी और यह कर्ज 21 वर्ष के लिए लिया जाएगा। इसकी अदायगी राज्य सरकार 11 मार्च 2047 को करेगी।
*पहले ही सवा चार लाख करोड़ का कर्ज-*
मध्यप्रदेश सरकार पर पहले से ही चार लाख 21 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। बाजार से सरकार ने दो लाख 67 हजार रुपए का कर्ज ले रखा है। पावर बांड और अन्य बांडों से पांच हजार 152 करोड़ रुपए लिए है। वित्तीय संस्थाओं से 17 हजार 190 करोड़ सरकार ने लिए है। केन्द्र सरकार से लोन एवं एडवांस के रुप में 74 हजार 759 करोड़ सरकार ने ले रखे है। अन्य दायित्व के रुप में 14 हजार 135 रुपए ले रखे है। राष्ट्रीय बचत योजना में 42 हजार 623 करोड़ रुपए सरकार ने ले रखे है।





