
सिंगरौली के मोरवा टीआई का सिंगल ट्रांसफर बना पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का विषय
Singrauli : पूरे मध्य प्रदेश में इन दिनों सिंगरौली जिले के मोरवा थाना प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह का नाम चर्चा में है। कारण है उनका सिंगल ट्रांसफर, जो भोपाल पुलिस मुख्यालय द्वारा किया गया और जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है। यह ट्रांसफर उस समय सामने आया है, जब मोरवा थाने से जुड़े एक गंभीर आपराधिक मामले को लेकर शिकायत, जांच और विवेचना हस्तांतरण जैसी प्रशासनिक कार्रवाई पहले ही हो चुकी थी। इसी कारण एक ही अधिकारी का अलग से ट्रांसफर आदेश पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
▪️ दस वर्षों से एक ही जिले में पदस्थ
▫️ जानकारी के अनुसार थाना प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह बीते लगभग दस वर्षों से सिंगरौली जिले में विभिन्न पदों पर पदस्थ रहे। इतने लंबे समय तक एक ही जिले में तैनाती को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे। चर्चा यह भी रही कि जिला स्तर पर डीआईजी और एसपी स्तर से स्थानांतरण की पहल होती रही, लेकिन कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आ पाया।
▪️ शिकायत के बाद बढ़ी प्रशासनिक सक्रियता
▫️ 26 दिसंबर 2025 को थाना मोरवा अंतर्गत सत्यनारायण वैश्य पर हुए जानलेवा हमले के मामले में सर्व समाज सिंगरौली द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। शिकायत में मामले की निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई थी। इस शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन स्तर पर प्रकरण को गंभीरता से लिया गया और पूरे मामले की प्रशासनिक समीक्षा शुरू हुई।
▪️ मोरवा थाने से विवेचना हटाई गई, दूसरे थाने को सौंपी जांच
▫️ पुलिस अधीक्षक सिंगरौली मनीष खत्री द्वारा न्यायहित और प्रशासनिक दृष्टि से बड़ा निर्णय लेते हुए मोरवा थाने में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 815/2025, धारा 126(2), 115(2), 296(बी), 324(4), 351(3), 3(5) भा.न्या.सं. के प्रकरण की विवेचना मोरवा थाना से हटाकर निरीक्षक कपूर त्रिपाठी, थाना प्रभारी नवानगर को सौंपी गई।
आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे तत्काल केस डायरी एवं संपूर्ण दस्तावेज प्राप्त कर स्वयं अग्रिम अनुसंधान प्रारंभ करें और शीघ्र वैधानिक निराकरण सुनिश्चित करें। इस प्रकरण का पर्यवेक्षण अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सिंगरौली द्वारा किया जाना तय किया गया।
▪️ भोपाल मुख्यालय से सिंगल ट्रांसफर आदेश
▫️ विवेचना हस्तांतरण और प्रशासनिक समीक्षा के बाद भोपाल पुलिस मुख्यालय से मोरवा थाना प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह का सिंगल ट्रांसफर आदेश जारी किया गया। यही बिंदु इस पूरे घटनाक्रम को असाधारण बनाता है। आमतौर पर तबादले सामूहिक सूची में होते हैं, लेकिन इस प्रकरण में केवल एक अधिकारी का ट्रांसफर होना कई सवाल खड़े करता है और इसी कारण यह निर्णय पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का केंद्र बन गया है।
▪️ भोपाल रिपोर्ट न करने पर फाइल पहले पहुंचने की चर्चाएं
▫️ प्रशासनिक गलियारों और सोशल मीडिया में यह चर्चा भी चल रही है कि यदि संबंधित थाना प्रभारी शीघ्र भोपाल मुख्यालय में रिपोर्ट नहीं करते हैं, तो उनकी फाइल उनसे पहले भोपाल पहुंच सकती है। इन चर्चाओं ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है और पुलिस महकमे में इसे गंभीर संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
▪️ मुआवजा लाभ और संपत्तियों को लेकर सोशल मीडिया में आरोप
▫️ इसी बीच सोशल मीडिया पर यह दावे भी सामने आ रहे हैं कि थाना प्रभारी ने अपने परिवार के नाम पर मुआवजा लाभ लिया है तथा कुछ गुमनाम या अघोषित संपत्तियों की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी जांच एजेंसी द्वारा इस संबंध में सार्वजनिक रूप से कोई बयान जारी किया गया है।
▪️ प्रशासनिक हलचल और प्रदेशभर में बहस
▫️ शिकायत, विवेचना हस्तांतरण और इसके बाद हुए सिंगल ट्रांसफर ने सिंगरौली ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली, लंबे समय तक एक ही जिले में पदस्थापना और ट्रांसफर नीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आमजन से लेकर प्रशासनिक हलकों तक यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में भोपाल मुख्यालय को सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा।
▪️ आगे क्या
▫️ अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि थाना प्रभारी कब भोपाल मुख्यालय में रिपोर्ट करते हैं और क्या मोरवा थाना से जुड़े अन्य मामलों तथा सोशल मीडिया में उठ रहे आरोपों पर आगे कोई औपचारिक जांच शुरू होती है या नहीं। आने वाले दिनों में इस पूरे प्रकरण से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना बनी हुई है।





