
युवा विधायकों को आदर्श का प्रतीक बना सकते हैं यह पांच संकल्प…
कौशल किशोर चतुर्वेदी
लोकतंत्र को समृद्ध करने एवं विकसित भारत के निर्माण में युवा विधायकों की भूमिका को लेकर मध्य प्रदेश विधानसभा में चल रहा दो दिवसीय मंथन संकल्प रूपी पाँच अमृत कलशों के साथ संपन्न हो गया। इन पांच संकल्पों में वह सब कुछ समाया हुआ है कि अगर युवा विधायक इनकी कसौटी पर खरे उतर जाएं तो आदर्श के पर्याय बन सकते हैं। और अगर विधान सभा में विधायक का चेहरा आदर्श भरा होगा, तब इस बात में कोई संशय नहीं है कि पूरी विधानसभा में अधिकारी, कर्मचारी और हर नागरिक आदर्श के इर्द-गिर्द ही घूमता नजर आएगा। और तब वास्तव में 2047 में हमारा भारत ईमानदारी से भरा हुआ, पारदर्शी, सकारात्मक और पूर्ण विकसित नजर आएगा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधायकों को यह 5 संकल्प दिलाते हुए यह विश्वास जताया कि यदि युवा विधायक इन संकल्पों पर खरा उतरे तब ही विकसित भारत 2047 का सपना साकार हो सकता है। राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र जोन-6) के समापन सत्र में 5 संकल्पों की यह कड़ी
अंगूठे और 4 उंगलियों की तरह है जो मुट्ठी बनकर मजबूती का पर्याय बन जाती हैं।
पहला संकल्प बताता है कि लोकतंत्र की सशक्तता का मूल आधार नागरिकों की सक्रिय भागीदारी है। अत: एक मजबूत और समावेशी लोकतंत्र के निर्माण में हम युवा विधायक महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगे। हो सकता है कि ज्यादातर विधायक इस मापदंड पर खुद को खरा साबित मानते हों। हम दूसरे संकल्प की तरफ आगे बढ़ते हैं। दूसरा संकल्प कहता है कि हम, युवा विधायक समाज की नई ऊर्जा, नवाचार और परिवर्तन की सोच का प्रतिनिधित्व करते हुये नागरिकों और शासन के बीच सेतु का कार्य करेगे, हम जनसरोकारों को समझकर आम जनता की समस्याओं को विधानसभा तक पहुँचायेंगे तथा पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी नीतियों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभायेंगे ताकि लोकतांत्रिक संस्थायें जनता के प्रति उत्तरदायी हो सके। हो सकता है कि ज्यादातर युवा विधायक इस संकल्प के भी आसपास ही खुद को पाते हों।
तीसरा संकल्प कहता है कि हम, नागरिकों को जागरूक और सशक्त बनाने हेतु सतत-सार्थक प्रयास करेंगे ताकि वे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लें। तकनीक और नवाचार का उपयोग कर शासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दीर्घकालिक नीतियाँ बनाने एवं युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों की आवाज़ को सशक्त बनाने हेतु सक्रिय भूमिका निभायेंगे जिससे जनता और उनकी विधायिकाओं के बीच प्रभावी संपर्क स्थापित हो सके तथा सार्थक सहभागी शासन सुनिश्चित किया जा सके। यह संकल्प संभावनाओं से भरा हुआ है यदि विधायक इस संकल्प की कसौटी पर खरे उतर सकें, तब उनकी विधानसभा को आदर्श के साथ खड़ा देखा जा सकता है।
चौथा संकल्प कहता है कि हम युवा विधायक, राजनीतिक दबाव, संसाधनों की कमी, सामाजिक असमानताएँ और बदलती वैश्विक परिस्थितियों का सामना करते हुये ईमानदारी, प्रतिबद्धता और दूरदर्शिता के साथ कार्य करने के लिये दृढ संकल्पित रहेंगे, ताकि हमारे राष्ट्र की लोकतांत्रिक परम्परायें और मूल्य और अधिक गहरे तथा सशक्त बन सके। इस संकल्प पर जो भी विधायक खरा उतरेगा, वह वास्तव में विकसित भारत बनाने का सच्चा भागीदार साबित हो सकता है।
और पांचवां संकल्प कहता है कि हम स्वयं भी एक जागरूक नागरिक बनेंगे, विधायिकाओं में होने वाली बहसों और चर्चाओं में जनप्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु शोध एवं अनुसंधान सहायता को सुदृढ करेंगे। लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी निभाएँगे और ऐसे नेतृत्व का समर्थन करेंगे जो देश को विकसित भारत 2047 की दिशा में आगे बढ़ाए। इस संकल्प के साथ विधायक आदर्श के उच्चतम स्तर पर पहुँचकर यह साबित कर देगा कि वास्तव में राजनीति सिर्फ और सिर्फ निस्वार्थभाव से सेवा का दूसरा नाम है।
तो उम्मीद यही है कि मध्य प्रदेश विधानसभा में आयोजित मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान का यह दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन (राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र जोन-6) युवा विधायकों को नई दिशा दिखाएगा। और यदि युवा विधायक इन 5 संकल्पों पर खरे उतर गए, तो यह बात भी तय है कि भारत 7 साल पहले यानि 2040 तक ही विकसित भारत के सपने को हकीकत में बदल देगा। क्योंकि आगामी समय में ऐसे ही युवा विधायकों के हाथ में देश की बागडोर जाने वाली है। और ईमानदारी से अगर यह राष्ट्र सेवा में समर्पित हो गए, तो कोई ताकत नहीं है जो भारत को दुनिया में शीर्ष पर जाने से रोक सके… और तब राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह कि यह बात सौ फीसदी सच साबित होगी कि यह सदी भारत की है।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।





