
आज 31 वां पुण्य स्मरण दिवस: यादों में- पी सी सेठी
अरविंद तिवारी
देश की राजनीति में निष्ठा,
समर्पण, और ईमानदारी के
पर्याय रहे श्री प्रकाश चंद्र सेठी
का आज 31 वां पुण्य स्मरण दिवस है।
जवाहरलाल नेहरू और श्रीमती इंदिरा गांधी
की कैबिनेट में भारी उद्योग, पेट्रोलियम और रसायन,
आवास एवं निर्माण , रेल और गृह मंत्री रहने के साथ ही
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे श्री सेठी की पहचान सख्त और जनता के हित में फैसला लेने वाले प्रशासक के रूप में रही।

हमारे इंदौर को देश के
राजनीतिक मानचित्र
पर एक अलग पहचान दिलाने में श्री सेठी
का सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा। इंदौर में
विकास का जो दौर उनके मुख्यमंत्री रहते
हुए प्रारंभ हुआ था वह आज भी बरकरार है।
इंदौर में रेल सुविधाओं का विस्तार उन्हीं के रेल मंत्री रहते हुए प्रारंभ हुआ था।

श्रीमती इंदिरा गांधी के लिए उन्होंने कई बार
संकट मोचक की भूमिका निभाई। लगभग डेढ़
दशक केंद्र और कांग्रेस की राजनीति में हर अहम
फैसले में श्री सेठी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जब कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने श्रीमती गांधी का साथ छोड़ा तो वह चट्टान की तरह अपनी नेता के साथ खड़े रहे।
मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने जो प्रशासनिक निर्णय लिए उसके कारण आज
भी उन्हें एक सख्त प्रशासक के रूप में याद
किया जाता है। सरकारी कामकाज पर उनकी
पकड़ और नौकरशाहों को आईना दिखाने
के उदाहरण आज भी लोगों की जुबान पर है।
सालों तक वे कांग्रेस के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भी रहे और उनकी ईमानदारी की मिसाल आज भी कांग्रेस के पुराने नेता देते हैं। उन्होंने नेताओं की जो पौध तैयार की थी उनमें से कई आज भी नेतृत्व की मुख्य धारा में है। वे संसद के दोनों सदन लोकसभा और राज्यसभा के सालों तक सदस्य रहे।
1967 के लोकसभा चुनाव में इंदौर में कामरेड होमीदाजी के अभेद गढ़ को तोड़ने के लिए कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व में उन्हें मैदान में उतारा था और यही वह दौर था जब इंदौर में सघन जनसंपर्क शुरू हुआ। मतदाताओं से संपर्क के लिए सेठी जी घर-घर गए
और तीन-चार मंजिला इमारत की हर मंजिल तक पहुंचे। नतीजा यह रहा की दाजी जैसे लोकप्रिय नेता को उन्होंने शिकस्त दी।
कुशल प्रशासक और लोकप्रिय नेता
श्री प्रकाश चंद्र सेठी को विनम्र आदरांजलि
इंदौर हमेशा उनके प्रति कृतज्ञ रहेगा।
(यह फोटो श्री सेठी के बहुत ही प्रिय
श्री चंद्र शेखर अग्रवाल यानी चंदू काका और
श्री संजय जैन ने उपलब्ध करवाए हैं)





