परंपरा ने रचा इतिहास:अमझेरा भगोरिया में पहली बार 110 मादल दलों का महासंगम

66

परंपरा ने रचा इतिहास:अमझेरा भगोरिया में पहली बार 110 मादल दलों का महासंगम

मादल की थाप, बांसुरी की तान और कुर्राहट से गूंज उठा थाना मैदान,नेता प्रतिपक्ष ने उठाया डोल, सरदारपुर विधायक ने दी थाप — कार्यकर्ता झूमे

अमझेरा से गोपाल खंडेलवाल

अमझेरा (धार) आदिवासी बहुल धार जिले में अमझेरा का भगोरिया इस बार सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि इतिहास बन गया। शुक्रवार को थाना मैदान पर ऐसा नजारा दिखा, जो अब तक कभी नहीं देखा गया। वनग्रामों से आए 110 मादल दलों ने एक साथ मादल की थाप और बांसुरी की धुन पर कुर्राहट लगाई यह बीते कई वर्षों का सबसे बड़ा रिकॉर्ड रहा। हर कोई इसका साक्षी बना, लोक पर्व का यह दिन अमझेरा के रिकॉर्ड में दर्ज रहेगा दो।

विधानसभा सरदारपुर और गंधवानी की सीमा पर बसे अमझेरा नगर में पहली रिकॉर्ड दर्ज मादल दल पहुंचना ओर जमकर उत्साह देखने लायक पल बन गया।

“हेलीकॉप्टर से पहुंचे जनप्रतिनिधि, मैदान में बिखरा उल्लास”

भगोरिया की रौनक उस वक्त और बढ़ गई जब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और विधायक प्रताप ग्रेवाल हेलीकॉप्टर से सीधे अमझेरा पहुंचे।जैसे ही दोनों विधायक मैदान में उतरे, माहौल बदला नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने खुद डोल उठाकर मादल बजाया, वहीं सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल ने मादल पर थाप देकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। इसके बाद कार्यकर्ता, कलाकार और ग्रामीण जमकर नाचे। वही सभी दलों का सम्मान भी किया गया।

WhatsApp Image 2026 02 27 at 18.14.47 1

“पारंपरिक वेशभूषा बनी आकर्षण का केंद्र”

वनग्रामों से आईं महिलाएं अपने पारंपरिक और रंग-बिरंगे परिधानों में सजी-धजी नजर आईं। चांदी के आभूषण, सिर पर पारंपरिक सजावट और कदमों की ताल — हर ओर आदिवासी संस्कृति की जीवंत तस्वीर दिखी। दर्शकों के लिए यह नजारा किसी उत्सव से कम नहीं था।

“110 मादल दलों का सम्मान, रिकॉर्ड बना चर्चा का विषय”

इस ऐतिहासिक भगोरिया में पहुंचे सभी मादल दलों का सम्मान ग्राम पंचायत सरपंच मनु बाई शिवा मकवाना, जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मेड़ा, जनपद सदस्य नेहा शुभम दीक्षित, भगवानदास खंडेलवाल, नीलांबर शर्मा, रवि पाठक, शिवा मकवाना, शुभम दीक्षित, धर्मेंद्र मंडलोई, सचिव गोपाल कुमरावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने किया।

WhatsApp Image 2026 02 27 at 18.14.48

“इसलिए खास रहा इस साल का अमझेरा भगोरिया

दो विधानसभा क्षेत्रों के 110 मादल दल एक साथ
पहली बार हेलीकॉप्टर से जनप्रतिनिधियों का आगमन
मादल-बांसुरी-कुर्राहट से गूंजता पूरा मैदान
आदिवासी संस्कृति का भव्य और अनुशासित प्रदर्शन

अमझेरा का भगोरिया इस बार सिर्फ परंपरा नहीं, पहचान बना — ऐसा भगोरिया, जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा” वही चौराहे पर झूले, चक्री, व्यंजन, खिलौने की दुकानों पर जमकर भीड़ उमड़ी।