
Trump holds a medal without a Nobel Prize: मारिया मचाडो का बड़ा दांव
वाशिंगटन। वेनेज़ुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच गुरुवार को व्हाइट हाउस में हुई निजी बैठक ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। इस मुलाकात के दौरान मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार का पदक राष्ट्रपति ट्रंप को सौंपा, जिसे उन्होंने प्रतीकात्मक सम्मान बताया।
● प्रतीकात्मक सम्मान
मारिया कोरिना मचाडो ने स्पष्ट किया कि यह कदम उन्होंने लोकतंत्र और स्वतंत्रता के समर्थन में ट्रंप की भूमिका को सम्मान देने के लिए उठाया। यह कोई औपचारिक या कानूनी हस्तांतरण नहीं है, बल्कि एक राजनीतिक और नैतिक संकेत है।
● कानूनी स्थिति साफ
नोर्वेजियन नोबेल समिति के नियमों के अनुसार नोबेल शांति पुरस्कार का अधिकार और विजेता का दर्जा किसी अन्य व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता। पदक भेंट किया जा सकता है, लेकिन नोबेल विजेता का खिताब मचाडो के नाम ही रहेगा।
● ट्रंप की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस जेस्चर की सार्वजनिक रूप से सराहना की। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि मारिया कोरिना मचाडो एक साहसी महिला हैं, जिन्होंने अपने देश के लिए बहुत कुछ सहा है। उन्होंने इसे अपने कार्यों के प्रति सम्मान बताया।
● वेनेज़ुएला संकट का संदर्भ
विश्लेषकों के अनुसार यह घटनाक्रम वेनेज़ुएला में जारी राजनीतिक संकट से जुड़ा है। मचाडो अंतरराष्ट्रीय समर्थन, खासकर अमेरिका के सहयोग को मजबूत करने की कोशिश में हैं। यह कदम मादुरो सरकार के खिलाफ वैश्विक दबाव बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
● पृष्ठभूमि
मारिया कोरिना मचाडो को वर्ष 2025 में वेनेज़ुएला में लोकतंत्र, मानवाधिकार और शांतिपूर्ण संघर्ष के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि वैश्विक राजनीति में प्रतीकात्मक कदम भी बड़े सियासी संदेश दे सकते हैं, भले ही उनके कानूनी मायने सीमित हों।





