
पौने दो लाख वाहन स्वामियों के वाहन पंजीयन में दूसरे मोबाइल नंबर, पीयूसी नहीं होगा
भोपाल: प्रदेश के एक लाख 71 हजार 413 वाहनों के मालिकों के वाहनों के पंजीयन में उनके खुद के नंबर दर्ज नहीं है बल्कि दूसरों के नंबरों से इन वाहनों के पंजीयन और डाटाबेस भरने का काम कर दिया गया। अब परिवहन विभाग ने इन सभी वाहन स्वामियों और इन वाहनों की बिक्री करने वाले डीलरों को निर्देशित किया है कि इस महीने के अंत तक नंबर अपडेट करा ले नहीं तो ऐसे सभी वाहनों के पीयूसी प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पाएंगे।
परिवहन विभाग ने हाल ही में जांच कराई तो पोर्टल पर उनके रिकार्ड में एक हजार 342 मोबाइल नंबरों से वाहन डीलरों ने एक लाख 71 हजार वाहनों के डेटाबेस दर्ज किए है। परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने सभी आरटीओ कार्यालयों को यह सूची भेजकर संबंधित डीलरों के माध्यम से वाहनों के डेटाबेस में वाहन स्वामियों के वास्तविक नंबर दर्ज करने के निर्देश दिए है। इसके लिए 31 जनवरी तक की समयसीमा निर्धारित की गई है। तय समयसीमा में कार्यवाही नहीं करने पर डीलरों पर कार्यवाही की जाएगी। फेडरेशन आॅफ आटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन और सोसायटी आॅफ इंडियन आॅटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स द्वारा भी इस संंबंध में वाहन डीलरों को निर्देशित किया गया है। वाहनों के डेटाबेस में वाहन स्वामियों के वास्तविक नंबर दर्ज होना आरटीओ कार्यालय के सभी कामों के लिए परिवहन विभाग द्वारा अनिवार्य कर दिया गया है। यह प्रावधान भी किए गए है कि डेटाबेस में वाहन स्वामियों का वास्तविक मोबाइल नंबर दर्ज न होंने की स्थिति में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र पीयूसी जारी नहीं किए जाएंगे। उप परिवहन आयुक्त शिकायत किरण शर्मा ने डीलरों से अविलंब वाहन स्वामियों के वास्तविक नंबर उनके वाहनों के साथ फीड करने को कहा है ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानियों से बचा जा सके।





