Unbelievable Success Story: रेलवे स्टेशन का Wi-Fi इस्तेमाल करके कुली बना IAS

एक कुली के UPSC परीक्षा पास करने की अनोखी कहानी

1975

कोई सोच सकता है कि रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का सामान उठाने वाला कोई कुली किसी दिन किसी जिले का कलेक्टर बन सकता है! ये फिल्मों के कथानक में तो संभव है, पर शायद असल जिंदगी में नहीं!

लेकिन, ये हुआ और सच में हुआ! केरल के एक कुली श्रीनाथ ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करके दिखा दिया कि यदि लगन हो, तो कोई लक्ष्य मुश्किल नहीं है।

WhatsApp Image 2022 01 22 at 7.28.26 PM

श्रीनाथ ने जो किया वो किसी चमत्कार से कम नहीं है। पर, सबसे बड़ी बात यह कि उसने अपनी पढाई रेलवे स्टेशन पर मिलने वाली मुफ्त Wi-Fi सुविधा का इस्तेमाल करके की और UPSC जैसी परीक्षा पास कर ली।

वास्तव में तो ये एक लगनशील युवक के हौसले की जीत है, जिसने बता दिया कि यदि इरादे बुलंद हों, तो मुश्किल रास्ते से भी मुकाम मिल जाता है।

जहां एक तरफ इस कठिन परीक्षा पास करने के लिए छात्र कोचिंग इंस्टीट्यूट का सहारा लेते हैं, वहीं श्रीनाथ (Sreenath K) नाम के इस कुली (Coolie) ने रेलवे स्टेशन पर मुफ्त Wi-Fi सुविधा का इस्तेमाल कर अपनी पढ़ाई की और KPSC (केरल पब्लिक सर्विस कमीशन) परीक्षा पास करके IAS बनने का रास्ता खोज निकाला। इसके बाद UPSC की परीक्षा दी और उसे भी फतह करने का कारनामा किया।

WhatsApp Image 2022 01 22 at 7.20.28 PM

मुन्नार के रहने वाले श्रीनाथ का जन्म बहुत गरीब परिवार में हुआ था। आर्थिक परेशानी हमेशा उनके रास्ते में रुकावट बनकर खड़ी रही। वे परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। घर का खर्च पूरा करने के लिए उन्होंने एर्नाकुलम स्टेशन पर कुली का काम करना शुरू किया। लेकिन, उनके अंदर कुछ करने का जज्बा पनपता रहा।

2018 में उन्होंने फैसला लिया कि वे जिंदगीभर यात्रियों का सामान नहीं उठाएंगे, कुछ अलग करेंगे। मेहनत करके कोई बड़ा करने की कोशिश करेंगे।

लेकिन, उन्होंने ‘कुछ करने’ की अपनी जिद के पीछे ‘छोटा’ नहीं सोचा। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा देना तय किया और इसके लिए जमकर पढ़ाई करना शुरू की।

उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का सोच तो लिया, पर उनके पास कोचिंग सेंटर की फीस देने के पैसे नहीं थे। ये भी तय था कि कोचिंग के बिना वे इस कठिन परीक्षा को पास नहीं कर सकेंगे।

WhatsApp Image 2022 01 22 at 7.47.26 PM

हालात विपरीत जरूर थे, पर श्रीनाथ के हौसले से बड़े नहीं थे। उन्होंने हार नहीं मानी और KPSC की तैयारी शुरू कर दी। पढ़ाई और स्टडी मटेरियल के लिए उन्होंने एर्नाकुलम रेलवे स्टेशन पर लगे फ्री Wi-Fi का उपयोग किया। क्योंकि, उनके पास न तो किताबें थी, न नोट्स थे और मैग्जीन थी, जिससे पढ़ाई करते।

कोचिंग करने जैसे हालात नहीं थे। इसलिए श्रीनाथ (Sreenath) ने स्टेशन के Wi-Fi के जरिए स्मार्टफोन की मदद से पढ़ाई शुरू की। उनके पास एक स्मार्टफोन था और इयरफोन। वे खाली समय में ऑनलाइन लेक्चर के ऑडियो और वीडियो डाउनलोड करते और काम के बाद ईयरफोन लगाकर उसे सुनते।

WhatsApp Image 2022 01 22 at 7.28.25 PM

परंतु, ये आसान नहीं था क्योंकि, ये फिल्मों की नहीं असल जिंदगी का मामला था। इस वजह से श्रीनाथ कड़ी मेहनत के बावजूद शुरू में सफलता से दूर रहे।

बाद में श्रीनाथ (Sreenath) ने केरल लोक सेवा आयोग (KPSC) की परीक्षा तो पास कर ली, लेकिन उनका लक्ष्य उससे बड़ा था। वे तैयारी करते रहे। अंततः श्रीनाथ को चौथे प्रयास में UPSC परीक्षा में सफलता हासिल हुई और वे IAS अफसर बन गए।

WhatsApp Image 2022 01 22 at 7.45.51 PM

UPSC को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इसमें हर साल लाखों स्टूडेंट इसमें शामिल होते हैं, लेकिन कुछ ही इस परीक्षा को पास करके अफसर बन पाते हैं। लेकिन, कुली का काम करने वाले श्रीनाथ (Sreenath) ने UPSC परीक्षा पास की और लाखों छात्रों के लिए मिसाल बने।

श्रीनाथ की ये सफलता कई लोगों के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि गरीबी भी हौंसलों को पस्त नहीं कर सकती। श्रीनाथ की सफलता एक मिसाल है, जो उन लोगों को हिम्मत देगी, जो साधन के अभाव में असफलता के भय से पिछड़ जाते हैं।

WhatsApp Image 2022 01 22 at 7.27.06 PM

श्रीनाथ का कहना है कि मैं अपनी इस सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खासकर रेलवे मंत्रालय का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने रेलवे स्टेशनों पर इंटरनेट की ऐसी सुविधा शुरू करवाई, जिससे मेरे जैसे लोग अपनी सुविधा के अनुसार दुनिया भर की तमाम जानकारियां पा सकें। इसी के सहारे मैं अपने इम्तिहान में पास हो सका हूं।

कुली से IAS बने श्रीनाथ को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी बधाई दी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा ‘रेलवे के निःशुल्क Wi-Fi से केरल में कुली का कार्य करने वाले श्रीनाथ के जीवन में एक बहुत बड़ा परिवर्तन आया है।

स्टेशन पर उपलब्ध Wi-Fi के उपयोग से उन्होंने तैयारी कर प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त की। मैं उनकी सफलता पर उन्हें बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूँ।