
Kissa-A-IPS: IPS Anukriti Sharma: शादी के 7 साल बाद UPSC क्रैक किया, मिला है ‘खुलासों का अफसर’ वाला खिताब!
सुरेश तिवारी
IPS Anukriti Sharma: उत्तर प्रदेश में अनुकृति शर्मा 2020 बैच की तेज तर्रार आईपीएस अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी है। शायद वे देश की बिरला आईपीएस अधिकारी है जिन्होंने शादी के 7 साल बाद UPSC क्रैक किया। नासा में लाखों की तनख्वाह वाली नौकरी मिलने के बावजूद अनुकृति शर्मा ने उसे ठुकरा दिया और यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं. फिर उन्होंने दो बार यूपीएससी परीक्षा पास की. पहली बार उनका चयन आईआरएस के लिए हुआ और दूसरी बार वह आईपीएस अधिकारी के रूप में चुनी गईं।

अनुकृति शर्मा अपनी कार्यशैली को लेकर खासी चर्चित रही हैं। उन्हें ‘खुलासों का अफसर’ वाला खिताब मिला हुआ है। लखनऊ से लेकर बुलंदशहर और फिर संभल में उन्होंने अपने एक्शन से इसे साबित किया है। वे वर्तमान में गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में तैनात है।
आईपीएस बनने से पहले अमेरिका में नासा के लिए काम कर चुकी अनुकृति के नोएडा में आने से पुलिसिंग में बदलाव की उम्मीद की जा रही है।

*कौन हैं अनुकृति शर्मा?*
अनुकृति शर्मा 2020 बैच की तेज तर्रार आईपीएस अधिकारी मानी जाती हैं। अनुकृति मूल रूप से राजस्थान के जयपुर में श्यामनगर की रहने वाली है। विवेक विहार पॉश कॉलोनी में रहने वाले योजना आयोग के असिस्टेंट डायरेक्टर दीनदयाल शर्मा और मधु शर्मा के घर में 14 अक्टूबर 1987 को अनुकृति का जन्म हुआ था। अनुकृति शुरुआती दिनों में डांसर बनना चाहती थीं। वे स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेती थीं। 12वीं में अनुकृति ने आईआईटी में दाखिले का सपना देखा।

आईआईएसईआर से इंटीग्रेटेड कोर्स किया। एमटेक करने के बाद उनका चयन अमेरिका की यूनिवर्सिटी में पीएचडी के लिए हो गया। उन्हें 2700 डॉलर मासिक की स्कॉलरशिप भी मिली। आईआईएसईआर में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात वैभव मिश्रा से हुई। दोनों का चयन अमेरिका में हुआ। दोनों परिवारों ने शादी का दबाव बनाया। दोनों ने अमेरिका से लौटने के बाद वर्ष 2013 में शादी कर ली।

अनुकृति फिर अमेरिका रिसर्च करने चली गई। उन्होंने नासा के लिए काम किया। हालांकि, निर्भया कांड और कोलकाता में एक चाय वाली की 15 साल की बेटी की 30 साल के व्यक्ति के साथ शादी ने अनुकृति के मन पर गहरा प्रभाव डाला। उन्होंने यूपीएससी करने की ठानी। अमेरिका से रिसर्च छोड़कर वह अपने ससुराल वाराणसी आ गईं। अनुकृति ने तैयारी शुरू की। शादी के 7 साल बाद वर्ष 2020 में उन्होंने यूपीएससी क्रैक कर आईपीएस बनने का सपना पूरा किया।

*लोगों से जुड़ी रही अनुकृति*
अनुकृति ने आईपीएस बनने के बाद खुद को लोगों से जोड़कर रखा है। लखनऊ में ट्रेनिंग के बाद प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी के तौर पर काम शुरू किया। इस दौरान उनकी प्रतिभा देखने को मिली। इसके बाद बुलंदशहर में उन्हें एएसपी के तौर पर पहली पोस्टिंग मिली। इस दौरान वे स्पॉट एक्शन पर जोर देती दिखीं। एक बार एक गांव में निरीक्षण के दौरान बुजुर्ग महिला के घर में अंधेरा देखा तो वहां बिजली कनेक्शन का आदेश दिया। इसके बाद उनके मानवीय पहलू की चर्चा हुई।
अनुकृति शर्मा को 26 जनवरी 2024 को बुलंदशहर से संभल भेजा गया। वहां उन्होंने एएसपी के तौर पर कई अभियानों का नेतृत्व किया। 12 राज्यों में फैले 100 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया। जांच में सामने आया कि गिरोह गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों के नाम पर पॉलिसियां कराता था। मौत के बाद फर्जी दावों के जरिए बीमा की रकम हड़प लेता था। मामले में 70 से अधिक गिरफ्तारियां हुईं।
अनकृति शर्मा ने अपराध नियंत्रण के साथ ही कम्युनिटी पुलिसिंग पर भी ध्यान दिया। उनका *पुलिस माई फ्रेंड* अभियान खूब चर्चा में रहा। संभल प्रदेश का ऐसा पहला जिला है, जहां सभी 15 पुलिस थानों में मदर एंड चाइल्ड केयर रूम (क्रेच) बनाया गया है। यह उनकी ही पहली थी। महिला बीट की अधिकारियों को मोबिलाइज करने के लिए हर थाने को सीएसआर से एक्टिवा स्कूटर उपलब्ध कराए। गरीब और बेसहारा महिलाओं को चिह्नित कर उनके साथ दीपावली मनाने जैसी पहल उन्होंने की। इन प्रयासों के लिए 15 अगस्त 2025 को उन्हें डीजी प्रशंसा चिह्न सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया।





