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विवेक अग्रवाल का एफएटीएफ का उपाध्यक्ष चुना जाना पाकिस्तान जैसे देशों के लिए सदमे जैसा

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विवेक अग्रवाल का एफएटीएफ का उपाध्यक्ष चुना जाना पाकिस्तान जैसे देशों के लिए सदमे जैसा

कीर्ति राणा 
वैश्विक मंच पर तो यह भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि ही है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठतम अधिकारी विवेक अग्रवाल फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) के उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। वे अगले माह (जुलाई) में यह दायित्व सम्हालेंगे। प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक मंचों पर हर बार आतंकवाद को संरक्षण, टैरर फंडिंग मामले में पाकिस्तान की निंदा करते रहे हैं। ऐसे में विवेक अग्रवाल का उपाध्यक्ष होना पाकिस्तान के लिये किसी सदमे से कम इसलिये नहीं है कि एफएटीएफ मनी लॉन्ड्रिंग और टेररिस्ट फाइनेंसिंग (आतंकवाद के लिए फंडिंग) के खिलाफ लड़ाई के लिए मानक तय करती है। इस संस्था में जो उपाध्यक्ष निर्वाचित होता है वही अगले अध्यक्ष के रूप में दायित्व संभालता है। वर्तमान में एलिसा डे अंडा माद्राजो अध्यक्ष हैं। इससे पहले वे उपाध्यक्षरही हैं।
अभी विवेक अग्रवाल भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सचिव हैं। भारत को पहली बार एफएटीएफ के उपाध्यक्ष का पद मिला है। यह पहली बार है जब भारत इस टॉप लीडरशिप पोजिशन को संभालेगा।
पेरिस में इस संस्था के मुख्यालय में आयोजित बैठक के समापन पर केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल को इसका उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
 चर्चा में विवेक अग्रवाल ने बताया वे वर्तमान उपाध्यक्ष ब्रिटेन के जाइल्स थॉमसन की जगह लेंगे। थॉमसन एक जुलाई ‘25 से इस पद पर हैं।एफएटीएफ के उपाध्यक्ष के रूप में विवेक अग्रवाल का निर्वाचित होना विश्व के 200 से ज्यादाअधिकार-क्षेत्रों में भारत के प्रति भरोसे और विश्वसनीयता को दर्शाता है। साथ ही, यह डिजिटल पेमेंट और वर्चुअल एसेट्स जैसे उभरते जोखिमों पर ग्लोबल पॉलिसी बनाने में भारत की सक्रिय भूमिका को भी उजागर करता है।
🔹इसलिये झटका है पाकिस्तान के लिये
भारत सरकार आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो-टॉलरेंस’ की नीति अपनाती है और देश के भीतर आतंकवाद-रोधी प्रयासों को बहु-स्तरीय एजेंसियों के माध्यम से अंजाम दिया जाता । फाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स से पाकिस्तान सहित वे मुस्लिम देश भयभीत रहते हैं जो परोक्ष-अपरोक्ष रूप से आतंकवादी गतिविधियों को प्रोत्साहित करते रहे हैं। पाकिस्तान अपनी कंगाल आर्थिक हालत और एंटी टेरर गतिविधियों की वजह से पहले ही विश्व में अपनी साख हो चुका है। फाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स वो संस्था है जो टेरर फंडिंग (आतंकवाद को पैसा मिलना) और मनी लॉन्ड्रिंग (काले धन को वैध बनाना) पर नजर रखती है। यह संस्था ऐसे किसी देश को ‘ग्रे लिस्ट’ या ‘ब्लैक लिस्ट’ में डाल दे है अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक जैसी वैश्विक संस्थाएं उसे कर्ज देने पर कड़ी शर्तें लगाने के साथ ही उसे दिए जाने वाले लोन पर भी रोक लगा सकती है।
🔹उज्जैन, इंदौर में कलेक्टर भी रहे हैं
मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी 55 वर्षीय विवेक अग्रवाल उज्जैन, इंदौर में कलेक्टर रहने के साथ ही मप्र के अतिरिक्त सचिव, संयुक्त सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, प्रबंध निदेशक, आयुक्त एवं प्रधान सचिव आदि विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं।