
गांवों में बनेगी जल समिति, अपव्यय पर 500 रुपए जुर्माना, घरों में पानी लेने हर माह देना होगा 120 रुपए
भोपाल: मध्यप्रदेश के सभी ग्रामीण अंचलों में अब जलप्रदाय करने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पानी समितियों का गठन करेगा। ये समितियां ग्रामीण अंचलों में पेंयजल वितरण नेटवर्क तैयार करने, वितरण की व्यवस्था से लेकर उसकी सुरक्षा की रणनीति तैयार करेंगी। जलरेखा पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन से ग्रामीण अंचलों में पेयजल वितरण की पूरी मानीटरिंग होगी। ग्रामीण परिवारों से हर माह पानी के लिए 120 रुपए लिए जाएंगे। जल अपव्यय पर पांच सौ रुपए तक जुर्माना भी लगेगा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभग ने ग्रामीण नलजल योजना संचालन, संधारण एवं प्रबंधन के नियम तय कर दिए है। तीस दिन तक सरकार इन नियमों को लागू कर देगी। नये नियम संपूर्ण मध्यप्रदेश में सभी ग्राम पंचायत क्षेत्रों पर लागू होंगे। अब ग्राम पंचायतें ग्राम नल जल योजना का संचालन, संधारण, नियमित रखरखाव, मरम्मत, उन्नयन विस्तार और दीर्धकालिक स्थिरता एवं निरंतरता सुनिश्चित करेंगी। सभी नल कनेक्शन धारकों को रोजाना पेयजल आपूर्ति करने, पानी के अपव्वय को रोकने, क्षतिग्रस्त लाइनों, कनेक्शनों की मरम्मत, छूटे परिवारों को नये कनेक्शन देने, जलकर का निर्धारण और वसूली, पंपिंग के लिए बिजली बिलों का प्रतिमाह भुगतान, पेयजल स्रोतो के रिचार्जिंग, जल संरक्षण, जल संचचन से संबंधित काम, ग्रे वाटर, ब्लाक वॉटर के प्रबंधन की व्यवस्था, आपातकालीन परिस्थितियों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का काम पंचायतें करेंगी। गांव में उच्च स्तरीय टंकी, गार्डरुम, पाइपल लाईन, वाल्व, हेंडपंप के रखरखाव और सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी। वाल्व सह आपरेटर नियुक्त किए जाएंगे।
गांवों में पानी समितियां बनाई जाएंगी जिनकी अनुशंसा पर नलजल योजना का प्रबंधन, संचालन और संधारण के लिए उपभोक्ताओं से वसूल किए जाने वाले मासिक जल कर का निर्धारण कनेक्शन के प्रकार के आधार पर तय किया जाएगा। पानी समिति की अनुशंसा पर ही नवीन कनेक्शन प्रभार, जनसहयोग राशि का निर्धारण कनेक्शन के प्रकार के आधार पर तय होगा। हर माह जल कर देना होगा। ग्राम पंचायत का सरपंच पानी समिति का पदेन अध्यक्ष होगा। पंचायत सचिव पानी समिति का पदेन सचिव होगा। पानी समिति में पंद्रह सदस्य होंगे।
पानी समिति जलप्रदाय, लाइनों, बॉल्व और अन्य संसाधनों की सुनक्षा, मासिक जलकर, नवीन कनेक्शन शुल्क तय करेंगी। पानी समिति पांय से दस अति गरीब, अंत्योदय, विधवा दिव्यांगजन परिवारोें का मासिक जल कर मॉफ करने की अनुशंसा ग्राम पंचायत को कर सकेंगी।
*हर माह साठ से लेकर पांच सौ रुपए तक जलकर-*
ग्रामीण क्षेत्रों में जनजातीय विकासखंड में घरेलु कनेक्शन के लिए प्रति परिवार साठ रुपए, मास्टर प्लान अधिसूचित क्षेत्र में शामिल पंचायतों में घरेलु कनेक्शन के लिए हर माह 120 रुपए, इनसे अलग पंचायतों में सौ रुपए प्रति परिवार प्रति माह जलकर लिया जाएगा। सार्वजनिक संस्थाओं, स्कल, स्वास्थ्य केन्द्र, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी के लिए दो सौ रुपए, औद्योगिक संस्थान के लिए मात्रा के अनुसार उत्पादन शुल्क आधारित मासिक कर, गैर घरेलु संस्थाओं से पांच सौ रुपए मासिक या मात्रा के अनुसार उत्पादन शुल्क आधारित मासिक जल कर लिया जाएगा।
*नल कनेक्शन शुल्क दस हजार तक-*
नये कनेक्शन के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति परिवार को एक हजार, अन्य परिवार को ढाई हजार, सार्वजनिक संस्थान को पांच हजार, औद्योगिक संस्थान को दस हजार, गैर घरेलु संस्थान को आठ हजार रुपए शुल्क देना होगा।
जलरेखा वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन से मानीटरिंग-
सभी क्रियान्वयन संस्थाओं द्वारा जल रेखा पोर्टल पर जल आपूर्ति प्रणाली के सभी घटकों एवं परिसम्पत्तियों की जीआईएस आधारित विवरण स्रोत उपचार संयंत्र, ट्रांसमीशन एवं वितरण नेटवर्क की जानकारी संधारित की जाएगी। जल आपूर्ति प्रणली के सभी घटकों एवं परिसम्पत्तियों की जानकारी का उपयोग मरम्मत और निगरानी के लिए किय जाएगा। पंचायत दर्पण पोर्टल के माध्यम से पंचायतें भी जल आपूर्ति कगे बिलिंग और एकत्रीकरण की रियल टाईम निगरानी करेंगी।
*पानी के अपव्यय पर पांच सौ रुपए जुर्माना-*
गांवों में पानी के अपव्यय पर सौ रुपए जुर्माना पानी समिति लगाएगी। दो बार से अधिक अपव्यय पर पांच सौ रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। कनेक्शन भी काटा जाएगा। तीन माह तक जलकर न देने पर कनेक्शन काटा जाएगा। समय पर मासिक जल कर न देने पर पांच से दस प्रतिशत पैनाल्टी भी पानी समिति लगा सकेगी।





